
भोपाल में एक कंपनी के एरिया मैनेजर की सुसाइड मामले में आरोपी सब इंस्पेक्टर गौरव रघुवंशी पुलिस गिरफ्त में है। पुलिस का दावा है कि उसने गौरव रघुवंशी को गिरफ्तार किया है, जबकि एसआई के रिश्तेदारों का कहना है कि पुलिस ने सरेंडर को गिरफ्तारी बताया है।
बता दें कि 30 नवंबर 2023 को इंडियन पोटास लिमिटेड (IPL) के एरिया मैनेजर मनोज रघुवंशी (40) सुसाइड कर लिया था। घटना के समय गौरव रघुवंशी विदिशा कोतवाली के थाना प्रभारी थे। पुलिस ने मनोज की पत्नी ज्योति और साले पिंटू उर्फ देवेंद्र को भी गिरफ्तार किया है। तीनों भोपाल कोर्ट में गुरुवार की दोपहर को सरेंडर करने पहुंचे थे।
अयोध्या नगर टीआई महेश लिल्लारे ने बताया कि तीनों को सरेंडर से पहले कोर्ट के बाहर से पकड़ा है। गुरुवार शाम को आरोपियों को मेडिकल के बाद कोर्ट में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। तीनों की निशानदेही पर केस से जुड़े अहम सबूत जब्त किए जाना है। इसी के साथ आरोपियों ने फरारी कहां और किस-किस के पास काटी इस संबंध में भी पूछताछ की जाएगी।
मामले में 7 लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें से गीता रघुवंशी, कांती बाई, टिंकू उर्फ अविनाश और रिटायर्ड एएसआई राम सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है।
गिरफ्तार नहीं, सरेंडर किया, दैनिक भास्कर के पास कोर्ट की आर्डर शीट
मृदुल लटौरिया न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की कोर्ट में एसआई गौरव रघुवंशी, ज्योति रघुवंशी और पिंटू उर्फ देवेंद्र ने 26 जून को सरेंडर किया था। कोर्ट ने इस मामले में थाना प्रभारी और विवेचक को अगले दिन 27 जून को दोपहर 12 बजे अदालत में हाजिर होने के आदेश दिए थे। इस दौरान पुलिस ने पूछताछ के लिए तीनों की रिमांड की मांग की थी। रिमांड को मंजूर करते हुए कोर्ट ने तीनों को 1 जुलाई तक पुलिस के सुपुर्द कर दिया। दैनिक भास्कर के पास इसकी आर्डर शीट मौजूद है। जिसमें तीनों के सरेंडर किए जाने का जिक्र है।
रिश्तेदार ने भी पुलिस के गिरफ्तारी के दावे को गलत बताया
एसआई गौरव के बड़े भाई अविनाश रघुवंशी ने बताया- गौरव, ज्योति और पिंटू ने सरेंडर किया है। कोर्ट से गिरफ्तारी किए जाने के पुलिस के दावे सरासर गलत हैं। कोर्ट ने ही डायरी तलब कर तीनों को टीआई महेश लिल्लारे और विवेचक विजय कलचुरी के सुपुर्द किया है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था
30 नवंबर 2023 को मनोज ने अपने अयोध्या नगर स्थित घर में सुसाइड किया था। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा था कि मैं मरना नहीं चाहता। पत्नी, उसके मौसेरे भाई और मौसा-मौसी ने मजबूर कर दिया। इन्हीं के कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूं।
ये लोग मुझसे लाखों रुपए ले चुके हैं। पत्नी दबाव बनाती है कि बेटे को तुमसे तभी मिलने दूंगी, जब अपनी मां से संपत्ति में हिस्सा लेकर बच्चे के नाम कर दोगे। बेटे अक्षय से बेहद प्यार करता हूं। भाई सारी संपत्ति तुम रख लेना। पत्नी को कुछ मत देना... कुछ भी नहीं।
इस मामले में सुसाइड का वीडियो भी सामने आया था। लंबी जांच के बाद पुलिस ने मनोज रघुवंशी के साले तत्कालीन थाना प्रभारी और सब इंस्पेक्टर गौरव रघुवंशी सहित 1 मार्च 2024 को 6 लोगों पर खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था।
आखिरी वीडियो में भी किया प्रताड़ना का जिक्र
सुसाइड से पहले मनोज ने एक 6 मिनट का वीडियो मोबाइल फोन में शूट किया था। जिसमें उसने पत्नी ज्योति और उसके 6 रिश्तेदारों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने की बात कही है। पुलिस ने इस वीडियो को भी जब्त किया था। इसी के साथ हाथ से लिखा सुसाइड नोट भी पुलिस को मनोज के पास से मिला था। जिसमें उसने अपने मोबाइल का पासवर्ड भी लिख रखा था।
आरोपियों पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था
9 अप्रैल 2024 को भोपाल जोन-2 की अधीक्षक श्रद्धा तिवारी ने आरोपियों की सूचना देने पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। वहीं, 19 अप्रैल को मनोज रघुवंशी की मां ने पुलिस कमिश्नर से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शिकायती आवेदन दिया था। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है।
मां ने पुलिस कमिश्नर से की थी शिकायत
मनोज रघुवंशी की मां शकुन ने 19 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक आवेदन दिया, जिसमें बताया कि मेरा बेटा अभिनव होम्स में रहता था। वह IPL कंपनी में एरिया मैनेजर था। उसकी शादी 11 साल पहले ज्योति रघुवंशी से हुई थी। दोनों का 10 साल का बेटा अक्षय है।
बेटे मनोज का साला गौरव रघुवंशी एसआई कोतवाली थाना विदिशा में पदस्थ है। वह पूर्व में विदिशा जिले के एक थाने का प्रभारी भी रहा है। बहू ज्योति का मौसेरा भाई है। गौरव के पिता राम सिंह भी एएसआई पद से रिटायर्ड हैं। ये दोनों बेटे और बहू के आपसी विवाद में बेटे पर दबाव बनाते थे। उसे हत्या के प्रयास के केस में फंसाने की धमकी देते थे।
29 नवंबर 2023 को पति-पत्नी के आपसी विवाद में उसके ससुर और साले ने मेरे बेटे पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराने का प्रयास किया। उसे अयोध्या नगर थाने तक बुलाया गया। यहां टीआई को गौरव ने कई कॉल कर झूठा केस दर्ज कराने का प्रयास किया।
पूर्व में बहू ज्योति कई बार अपने मायके में चली जाया करती थी। महीनों तक नहीं लौटती थी। दबाव बनवाकर ही उसने बेटे को अलग रहने को मजबूर किया था। वह दबाव बनाकर उसकी संपत्ति को अपने नाम कराना चाहती थी। ऐसा नहीं करने पर मायके लौट जाने की धमकी देती थी।
आए दिन की धमकियों से तंग आकर बेटे ने सुसाइड कर लिया था। जिसकी लंबी जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पार्टी रवाना हो रही थी, जिसकी सूचना अयोध्या थाने के ही एसआई विनोद पंथी ने गौरव को दे दी।
घर के CCTV कैमरे में कैद हुई थी घटना
मृतक के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में सुसाइड की घटना कैद हुई थी। इस वीडियो में मनोज घर के बाहर निकलता दिखता है, पीछे से पत्नी ज्योति और बेटा भी आते हैं। अचानक मनोज दहलीज पर अचेत हो जाता है। बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया जाता है।