
भोपाल संसदीय सीट से भाजपा उम्मीदवार आलोक शर्मा ने 5 लाख से ज्यादा मतों से कांग्रेस उम्मीदवार अरुण श्रीवास्तव को शिकस्त दी। भोपाल संसदीय क्षेत्र में आने वाली 8 विधानसभा सीटों में से 6 पर भाजपा को अच्छी बढ़त मिली।
सबसे बड़ी बढ़त गोविंदपुरा से 1,37,547 और हुजूर विधानसभा 1,26,456 वोट की लीड मिली। वहीं, भोपाल की कांग्रेस की कब्जे वाली भोपाल उत्तर और भोपाल मध्य क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार अरुण श्रीवास्तव को ज्यादा वाेट जरूर मिले। लेकिन, दोनों ही सीटों पर वर्तमान कांग्रेस विधायकों की लीड घटी है।
भोपाल संसदीय क्षेत्र में शामिल बैरसिया, गोविंदपुरा, नरेला, भोपाल दक्षिण पश्चिम, हुजूर और सीहोर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार आलोक शर्मा को बड़ी बढ़त मिली।
6 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में बैरसिया से भाजपा नेता विष्णु खत्री को 25397 मतों से जीत मिली थी। जबकि लोकसभा चुनाव में आलोक शर्मा को विष्णु खत्री के जीत के आंकड़े से 69 प्रतिशत ज्यादा वोट मिले हैं।
इसी तरह भोपाल दक्षिण पश्चिम में 66 प्रतिशत, सीहोर में 54 प्रतिशत, नरेला में 41 प्रतिशत, हुजूर में 23 और गोविंदपुरा में 22 प्रतिशत वोट विधानसभा चुनाव में जीते उम्मीदवार के मार्जिन से ज्यादा मिले हैं।
40 साल में सबसे बड़ी जीत
पिछले 40 में 1984 से 2024 तक हुए 10 चुनावों में आलोक शर्मा की यह सबसे बड़ी जीत है। भोपाल लोकसभा सीट पर प्रत्याशियों को मिली जीत का विश्लेषण करने पर सामने आया कि इससे पहले 2019 में प्रज्ञा सिंह ठाकुर 866482 वोट से जीतीं थीं। यानी आलोक शर्मा को पिछले चुनाव 2019 की तुलना में इस बार 1 लाख 14 हजार 627 वोट ज्यादा मिले। 2014 में आलोक संजर को 714178 वोट मिले थे। इससे पहले कैलाश जोशी और उमा भारती क्रमशः: 2004 और 1999 में 5 लाख से ज्यादा वोट पाने में कामयाब हुए थे। बाकी 1984 से बाद के अन्य चुनावों में भाजपा को 5 लाख से कम ही वोट प्राप्त हुए थे।