एक और अग्निपरीक्षा... 8 देशों ने मिलकर लिया ऐसा फैसला जिसका भारत पर होगा सीधा असर, क्‍यों बढ़ी टेंशन?

Updated on 03-11-2025 01:38 PM
नई दिल्‍ली: रूस सह‍ित ओपेक+ देशों ने दिसंबर में तेल उत्पादन में थोड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसके बाद 2026 की पहली तिमाही में उत्पादन बढ़ाने की रफ्तार पर रोक लगा दी जाएगी। यह फैसला रविवार को ओपेक+ देशों के बीच हुई बैठक में लिया गया। इसमें आठ देशों ने हिस्‍सा लिया। ओपेक+ देशों का यह फैसला, खासकर 2026 की पहली तिमाही में उत्पादन बढ़ोतरी की रफ्तार को रोकने का निर्णय, भारत के लिए चिंताजनक है। ओपेक+ दुनिया के तेल उत्पादक और निर्यातक देशों का प्रभावशाली गठबंधन है। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक तेल बाजार को स्थिर रखने के साथ कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित करना है। इसमें 22 देश शामिल हैं।

ओपेक+ देशों ने तय किया है कि वे दिसंबर में हर दिन 137,000 बैरल तेल का उत्पादन बढ़ाएंगे। यह बढ़ोतरी छोटी है। इसके बाद अगले साल यानी 2026 के पहले तीन महीनों (जनवरी, फरवरी, मार्च) में तेल उत्पादन बढ़ाने की रफ्तार को रोक दिया जाएगा। ओपेक+ ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है।

फैसले की टाइम‍िंंग बहुत महत्‍वपूर्ण

यह फैसला रविवार को ओपेक+ देशों के बीच हुई एक बैठक में लिया गया। इस बैठक में आठ देशों ने हिस्सा लिया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में तेल की मांग और सप्‍लाई को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। तेल की कीमतें भी बाजार में उतार-चढ़ाव दिखा रही हैं। ओपेक+ देशों का यह कदम वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है।

भारत पर सीधे होगा असर

चूंकि उत्पादन में बढ़ोतरी सिर्फ दिसंबर के लिए छोटी है (137,000 बैरल/दिन), यह वैश्विक मांग को पूरी तरह से पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे बाजार को यह संकेत मिलता है कि सप्लाई टाइट रहेगी। उत्पादन में बढ़ोतरी पर रोक लगाने का मतलब है कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें और बढ़ सकती हैं। भारत अपनी 85% से अधिक तेल की जरूरत आयात करता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों को प्रभावित करेंगी। इससे महंगाई बढ़ेगी। कच्चे तेल के लिए अधिक भुगतान करने से भारत का आयात बिल बढ़ जाएगा। इससे डॉलर भंडार घटेगा। डॉलर की बढ़ती मांग से भारतीय रुपया कमजोर हो सकता है, जिससे आयात और महंगा हो जाएगा। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं और मांग मजबूत होती है तो रूस जैसे देश भारत को दिए जाने वाले डिस्काउंट को कम कर सकते हैं। इससे भारत का तेल आयात और महंगा हो जाएगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 March 2026
नई दिल्ली: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ( NCLT ) ने अडानी एंटरप्राइजेज को जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ भारत के दिवालिया…
 18 March 2026
नई दिल्ली: ईरान-इजरायल/अमेरिका युद्ध के कारण पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इस युद्ध से पश्चिम एशिया में एनर्जी वार शुरू हो गया है।…
 18 March 2026
नई दिल्ली: मार्केट रेगुलेटर सेबी ने डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनेशन के लिए एक आसान फ्रेमवर्क का प्रस्ताव दिया है। इसका मकसद निवेशकों के लिए ऑनबोर्डिंग को आसान…
 18 March 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध को आज 19वां दिन है। 28 फरवरी से शुरू हुआ यह युद्ध दुनियाभर में हलचल मचा रहा है। वैश्विक तनाव के बीच क्रिप्टोकरेंसी में जबरदस्त उछाल आया…
 18 March 2026
नई दिल्ली: मुकेश अंबानी देश का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी में हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए ड्राफ्ट इसी महीने फाइल किया जा…
 18 March 2026
नई दिल्ली: आपने हवाई जहाज (Flight) से यात्रा की होगी तो इससे जरूर दो-चार हुए होंगे। टिकट बुक कराने के बाद आपको सीट सेलेक्शन (Flight Seat Selection) करते वक्त पसंद…
 18 March 2026
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन तेजी आई है। कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से बीएसई सेंसेक्स में कारोबार के दौरान 800 अंक की तेजी आई…
 18 March 2026
नई दिल्ली: रणवीर सिंह की मूवी 'धुरंधर 2: रिवेंज' कल यानी गुरुवार को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस मूवी की एडवांस ने अभी से गर्दा उड़ा दिया है। अपने चार दिनों…
 17 March 2026
कोच्चि: ईरान-इजरायल युद्ध (Iran Israel War) की आग में सिर्फ रसोई गैस (LPG) की ही सप्लाई प्रभावित नहीं हुई है। अब तो इसकी तपिश देश की एफएमसीजी इंडस्ट्री (FMCG Industry)…
Advt.