
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) ने सोमवार को 16 सीएनजी सिटी बसें रूट टीआर-4 (भैंसाखेड़ी चिरायु से एम्स) पर उतार दी हैं। पहले ही दिन इनमें बसों में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक करीब 4500 यात्रियों ने सफर किया। अब शहर में लो-फ्लोर बसों की संख्या 60 से बढ़कर 76 हो गई है। इनमें से 25 सीएनजी बसें हैं और बाकी डीजल बसें हैं। अब अगले 10 दिन में बीसीएलएल कोकता से रातीबढ़ रूट पर 15 सीएनजी बसें शुरू करेगा।
नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन की पहल पर बीसीएलएल ने बस ऑपरेटर फर्म मेसर्स इंक्यूबेट सॉफ्टटेक के साथ लिखित समझौता किया। इसमें सीएनजी बसों के दोबारा संचालन और आरटीओ में बकाया टैक्स की राशि एवं परमिट संबंधी समस्याओं का हल निकाला गया।
हर बस में 250 से 300 यात्रियों ने किया सफर
सबसे पहले सोमवार को टीआर-4 की 16 बसें एम्स से शुरू की गईं। एम्स से ये बसें बोर्ड ऑफिस, न्यू मार्केट, हमीदिया अस्पताल, लालघाटी, बैरागढ़ होते हुए चिरायु अस्पताल भैंसाखेड़ी तक चलीं। हर बस में 250 से 300 यात्रियों ने यात्रा की। अब निगम रूट नंबर 413 (कोकता से रातीबढ़) को शुरू करेगा। इससे कोकता, पिपलानी, प्रभात चौराहा, बोर्ड ऑफिस, बिट्टन मार्केट, नेहरू नगर, भदभदा, सूरज नगर, नीलबढ़ व रातीबढ़ तक बस की सुविधा मिलेगी।
अगला टारगेट 149 बसों के विवाद को सुलझाना
दिसंबर के पहले सप्ताह तक सभी 77 बसें मिल जाएंगी। ऐसे में बसों की संख्या 137 तक पहुंच जाएगी। वहीं बीसीएलएल के बाग सेवनिया स्थित यार्ड में ये 149 बसें दो साल से ज्यादा समय से खड़ी हैं। ये बसें बीसीएलएल और बस ऑपरेटर मां एसोसिएट्स के बीच विवाद के कारण सड़क पर नहीं उतर पा रही हैं। इन बसों के भुगतान को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अब बीसीएलएल इन बसों के संचालन को लेकर ऑपरेटर को नोटिस भी जारी कर चुकी है। अब अगला टारगेट इन बसों को सड़क पर उतारने की तैयारी है। इसके लिए नगर निगम ने प्रयास भी तेज कर दिए हैं। निगम का उद्देश्य साल के अंत तक अधिक से अधिक बसों के संचालन का है।