अमेरिका में जन्मजात नागरिकता कानून खत्म:अवैध प्रवासियों की एंट्री बंद, थर्ड जेंडर की मान्यता खत्म

Updated on 22-01-2025 01:28 PM

डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार, 20 जनवरी को अमेरिकी संसद कैपिटल हिल में 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। ट्रम्प ने सत्ता संभालते ही देश से लेकर विदेश तक अमेरिकी नीतियों में कई बड़े बदलाव लाने की बात कही।

उन्होंने शपथ लेने के सिर्फ 6 घंटे के अंदर ही बाइडेन के 78 फैसलों को पलट दिया। इसमें अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने, बच्चों की नागरिकता खत्म करने, WHO और पेरिस जलवायु समझौता से अमेरिका को बाहर निकालने जैसे फैसले हैं।

ट्रम्प ने  बदलाव किए...

1. जन्मजात नागरिकता को खत्म किया

ट्रम्प ने जन्मजात नागरिकता को खत्म कर दिया है। उन्होंने उन माता-पिता के बच्चों को जन्मजात नागरिकता देने से इनकार करने का आदेश दिया है जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं या फिर अस्थायी वीजा लेकर रह रहे हैं। ट्रम्प ने इस आदेश को लागू करने के लिए 30 दिन का समय दिया है।

ट्रम्प का ये आदेश अमेरिकी बच्चों को मिलने वाले जन्मजात नागरिकता के अधिकार को चुनौती देता है। अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन बच्चों को जन्मजात नागरिकता की गारंटी देता है। अमेरिका में यह कानून 150 साल से लागू है।

दुनिया में दो तरह से बच्चों को नागरिकता मिलती है। पहला- राइट ऑफ सॉइल यानी कि बच्चे का जहां जन्म हुआ हो, वह अपने आप वहां का नागरिक बन जाता है। दूसरा राइट ऑफ ब्लड यानी कि बच्चे के मां-बाप जहां के नागरिक हों, बच्चे वहीं के नागरिक माने जाएंगे।

क्यों किया- गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर और बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है।

अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है।

हालांकि ट्रम्प के आदेश में कहा गया है कि यह केवल उन लोगों पर लागू होगा जो इस आदेश की तारीख से 30 दिनों के बाद अमेरिका में जन्मे हैं। इसका मतलब है कि अमेरिका में भारतीयों की आने वाली पीढ़ी इसके दायरे में होगी।

2. कैपिटल हिंसा के दोषियों को माफी

ट्रम्प ने राष्ट्रपति बनते ही 6 जनवरी 2021 को हुई कैपिटल हिल हिंसा के आरोप में गिरफ्तार हुए अपने करीब 1600 समर्थकों की सजा माफ कर दी है। जिन लोगों की सजा माफ हुई है उनमें कई देशद्रोह की साजिश जैसे मामलों के दोषी करार दिए जा चुके हैं।

क्यों किया- ये सभी लोग ट्रम्प के समर्थक थे। ट्रम्प का मानना है कि ये सभी देशभक्त हैं। जस्टिस डिपार्टमेंट ने उनके साथ गलत बर्ताव किया।

3. अवैध प्रवासियों को बाहर निकालेंगे

ट्रम्प ने देश में अवैध प्रवासियों की एंट्री बैन करने और अवैध प्रवासियों को पकड़ कर बॉर्डर पर छोड़ने की पॉलिसी का ऐलान किया। उन्होंने कहा- बाइडेन प्रशासन ने हमारे देश में अवैध रूप से एंट्री करने वाले खतरनाक अपराधियों को शरण दी है और उनकी हिफाजत की है।

क्यों किया- प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक अमेरिका में दुनिया के सबसे ज्यादा अप्रवासी हैं। दुनिया के कुल 20% अप्रवासी अमेरिका में ही रहते हैं। 2023 तक यहां रहने वाले अप्रवासियों की कुल संख्या 4.78 करोड़ थी। ट्रम्प का मानना है कि दूसरे देशों से लोग अवैध तरीके से अमेरिका में घुसकर अपराध करते हैं।

4. मेक्सिको बॉर्डर पर इमरजेंसी का ऐलान

ट्रम्प ने अमेरिका-मेक्सिको के बॉर्डर (दक्षिणी बॉर्डर) पर इमरजेंसी लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यहां से होने वाली सभी अवैध एंट्री पर रोक लगाई जाएगी। सरकार अपराध करने वाले विदेशियों को उनके देश वापस भेज देगी।

क्यों किया- US-मेक्सिको बॉर्डर से आने वाले अवैध प्रवासियों की बढ़ती संख्या अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा मुद्दा है। ट्रम्प का कहना है कि यहां से अवैध प्रवासी और अपराधी अमेरिका में एंट्री करते हैं। ट्रम्प इस बॉर्डर पर दीवार बनाने की बात भी कह चुके हैं।

5. TikTok पर बैन रुका

डोनाल्ड ट्रम्प ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए चाइनीज सोशल मीडिया ऐप TikTok पर बैन लगाने के कानून को 75 दिनों के लिए रोक दिया। इससे पहले जो बाइडेन ने टिकटॉक पर बैन लगाने के लिए एक कानून बनाया था। तब इस ऐप को राष्ट्रीय सुरक्षा और यूजर प्राइवेसी के लिए खतरा बताया गया था।

क्यों रुका- ट्रम्प ने इलेक्शन कैंपन के दौरान प्रचार के लिए TikTok का खूब इस्तेमाल किया था। उनका कहना है कि मुझे लगता है कि मेरे मन में TikTok को लेकर एक खास तरह का उत्साह है। मैं TikTok पर गया और मैंने युवाओं का दिल जीत लिया। ट्रम्प ने चुनाव युवाओं का वोट दिलाने के लिए इस ऐप को क्रेडिट दिया।

6. अमेरिकी सरकार के लिए सिर्फ 2 जेंडर 

ट्रम्प ने कहा- आज से अमेरिकी सरकार के लिए सिर्फ दो जेंडर होंगे पुरुष और महिला। मैं सभी सरकारी सेंसरशिप को तुरंत रोकने और अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी को बहाल करने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन करूंगा।

क्यों किया- ट्रम्प ने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ बयान दिए थे। ट्रम्प के रक्षा मंत्री पिट हेगसेथ का कहना था कि सेना में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को शामिल करने से अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है।

7. पनामा नहर वापस छीनने की धमकी दी 

ट्रम्प ने कहा कि वे पनामा नहर को वापस ले लेंगे। उन्होंने कहा कि इस नहर की वजह से हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया है। इसे कभी गिफ्ट के तौर पर पनामा देश को नहीं दिया जाना चाहिए था। आज चीन पनामा नहर ऑपरेट कर रहा है। हमने इसे चीन को नहीं दिया। हमने इसे पनामा देश को दिया। हम इसे वापस लेने जा रहे हैं।

क्यों कहा- ट्रम्प का कहना है कि इस नहर को अमेरिका ने 1999 में पनामा देश को गिफ्ट किया था, लेकिन इस पर अब चीन का कंट्रोल हो चुका है और यहां अमेरिकी जहाजों को ज्यादा टैक्स देना पड़ता है।

8. मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलने का ऐलान

ट्रम्प ने मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर अमेरिका की खाड़ी करने का ऐलान किया। ट्रम्प पहले भी कह चुके हैं कि अमेरिका की खाड़ी का नाम ज्यादा ‘सुंदर’ लगता है और यही नाम रखना सही है।

क्यों कहा- ट्रम्प का मानना है कि इस इलाके में अमेरिका की ज्यादा मौजूदगी है। अमेरिका इस इलाके में सबसे ज्यादा एक्टिविटी करता है इसलिए ये जगह अमेरिका की है।

9. अमेरिका WHO से बाहर हुआ

ट्रम्प ने अमेरिका के विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हटने से जुड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर भी दस्तखत किए। उन्होंने इसे एक बड़ा फैसला बताया। यह दूसरी बार है जब ट्रम्प ने WHO से हटने के आदेश दिए हैं।

ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान कोरोना महामारी से निपटने के लिए WHO के उठाए कदमों की आलोचना की थी। इसके बाद उन्होंने अमेरिका को इस संगठन से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी हालांकि बाद में जो बाइडेन ने राष्ट्रपति बनते ही यह आदेश पलट दिया।

अमेरिका WHO को सबसे ज्यादा फंडिंग करता है। 2023 में इस एजेंसी के बजट का 20% हिस्सा अमेरिका का था। ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका इस एजेंसी को बहुत ज्यादा पैसा देता है जबकि इसका ज्यादा फायदा दूसरे देश उठाते हैं।

10. पेरिस एग्रीमेंट से बाहर हुआ अमेरिका

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को एक बार फिर से अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से अलग कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं इस एकतरफा पेरिस जलवायु समझौते से तुरंत हट रहा हूं। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में भी अमेरिका को इस क्लाइमेट डील के अलग कर दिया था।

क्यों हुआ- ट्रम्प का मानना है कि जलवायु परिवर्तन एक तरह का धोखा है। ट्रम्प इस क्लाइमेट डील से अलग होकर अमेरिकी तेल कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्शन की छूट देना चाहते हैं। ट्रम्प का कहना है कि चीन बेरोकटोक प्रदूषण फैला रहा है, अमेरिका अपने उद्योगों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।



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