अब पूर्ण बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर
मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्य सचिव वीरा राणा, वित्त विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक की।
सूत्रों के अनुसार सरकार बजट में जनता पर बोझ बढ़ाने वाला कोई कदम नहीं उठाएगी। केंद्रीय योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर विभागों को राशि आवंटित की जाएगी।
कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत बढ़ाने, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, सिंचाई और सड़क परियोजनाओं के साथ अन्य योजनाओं के लिए प्रविधान किए जाएंगे। बजट प्रस्तावों पर कैबिनेट में विचार कर अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके अलावा बैठक में प्रत्येक ब्लाॅक में स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का संचालन निजी जनसहभागिता, अन्य राज्यों के सैनिक स्कूलों में पढ़ रहे प्रदेश के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने और रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग को नोडल विभाग बनाने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
विधानसभा में प्रस्तुत होने वाले बंदीगृह एवं सुधारात्मक सेवाएं, मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन भी कैबिनेट द्वारा किया जा सकता है।