
भोपाल : सीबीआइ ने झांसी-खजुराहो प्रोजेक्ट के स्वामित्व परिवर्तन और एनओसी जारी करने के बदले रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार सात आरोपितों को सोमवार को भोपाल में सीबीआइ के विशेष न्यायालय में पेश किया। यहां से उन्हें पूछताछ के लिए 14 मई तक पुलिस हिरासत में सीबीआइ को सौंप दिया गया है।
इनमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) छतरपुर के प्रोजेक्टर डायरेक्टर व महाप्रबंधक पुरुषोत्तम लाल चौधरी, एनएचएआइ के कंसल्टेंट शरद प्रकाश वर्मा, रिश्वत देने वाली निजी कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के कर्मचारी बृजेश मिश्रा, शुभम जैन, अनिल जैन, सत्यनारायण अंगूलरी और एनएचएआइ कंसल्टेंट के रेजीडेंट इंजीनियर प्रेम कुमार सिन्हा शामिल हैं। इस मामले में जांच एजेंसी ने निजी कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के डायरेक्टर योगेश जैन, टीआर राव को भी आरोपित बनाया है, पर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। कंपनी का कार्यालय पुष्प विहार दिल्ली और आगरा में है।
बता दें कि सीबीआइ दिल्ली की टीम ने रविवार को मध्य प्रदेश के छतरपुर में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के जीएम और प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीएल चौधरी को उनके घर से दस लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। दरअसल, सीबीआइ दिल्ली की एंटी करप्शन टीम ने आठ जून को झांसी-खजुराहो हाइवे प्रोजेक्ट डायरेक्टर पुरुषोत्तम लाल चौधरी सहित 10 आरोपितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था।
इनमें से सात आरोपितों को सीबीआइ गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए टीम आरोपितों की तलाश में है। आरोपितों से जुड़े छतरपुर, लखनऊ, कानपुर, आगरा एवं गुरुग्राम में विभिन्न स्थलों की तलाशी भी सीबीआइ ने ली थी, जहां से डिजिटल डिवाइसेस व अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।