इधर, पर्यावरणविद् सुभाष सी पांडे ने कहा यदि पेड़ों को कटाने की शुरुआत हुई तो एनजीटी का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके लिए याचिका लगाने भी तैयारी कर ली है। वहीं, वृक्ष मित्र सुनील दुबे ने कहा कि एक भी पेड़ को नहीं कटने दिया जाएगा। समाजसेवी व वृक्ष प्रेमी उमाशंकर तिवारी ने स्वयं को एक पेड़ से जंजीर से बांधकर विरोध जताया।
कांग्रेस के जिला श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने तुलसी नगर में लगे पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधकर विरोध जताया। इसी तरह बड़ी संख्या में महिलाएं अलग-अलग पेड़ों से चिपकी रहीं। भावुक होकर कहा कि हमारी तुलसी नगर व शिवाजी नगर से यादें जुड़ी हैं। पेड़ों को बढ़ते हुए देखा है। हम यहां से कहीं नहीं जाएंगे और न ही किसी पेड़ को कटने देंगे। यदि शासन-प्रशासन ने जबदस्ती तो अपनी जान तक दे देंगे।
नूतन कालेज की छात्राएं भी विरोध में आईं
शिवाजी नगर नूतन कालेज के पास चिपको आंदोलन के तहत हुए विरोध प्रदर्शन में नूतन कालेज की छात्राओं ने भी विरोध किया। तख्तियां हाथों में उठाकर कहा कि पेड़ों को नहीं कटने देंगे। हम अपनी सांसें नहीं छीनने देंगे। इतना नहीं बच्चों ने कहा सांस हो रही हैं कम, पेड़ बचाने के लिए आ गए हम।
कांग्रेस नेताओं ने कहा, सरकार पुनर्विचार करे
कांग्रेस के पूर्व विधायक पीसी शर्मा, पार्षद योगेंद्र गुड्डू चौहान, पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने कहा कि सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। तुलसी नगर और शिवाजी नगर में 29 हजार पेड़ों को काटकर मंत्री व विधायकों के बंगले नहीं बनाए जाएं। प्रदर्शन में भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पेड़ नहीं काटे जाएंगे, बल्कि लगाए जाएंगे।