
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान कई अवसर आएंगे जिस पर इस विषय को उठाया जा सकता है। इधर विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा और सभी सदस्यों ने एक साथ खड़े होकर स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने की मांग उठाई।
इसी बीच कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने नीट परीक्षा की गड़बड़ियों का विषय उठा दिया। इसके बाद सभी मंत्री और विधायक खड़े हो गए और उन्होंने इसका विरोध किया। फिर सदन की कार्रवाई 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस विधायकों ने गांधी प्रतिमा के सामने किया प्रदर्शन नर्सिंग घोटाले को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के इस्तीफा की मांग कर प्रदर्शन किया।
उप मुख्यमंत्री स्वास्थ्य राजेंद्र शुक्ल ने कांग्रेस के हंगामे पर कहा कि हाई कोर्ट के निर्देश पर जांच हो रही है। जब चर्चा होगी, तब सब सामने आ जाएगा। कांग्रेस केवल राजनीति कर रही है। सदन में मुख्यमंत्री ने इशारा किया तब खड़े हुए सभी मंत्री और विधायक।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन को अवगत कराया कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि मुख्यमंत्री और मंत्री अब अपना आयकर स्वयं भरेंगे। मैं यह घोषणा करता हूं कि विधानसभा अध्यक्ष के नाते अपना आयकर स्वयं भरूंगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हम भी इसमें शामिल हैं। उल्लेखनीय कि मोहन सरकार ने मंत्री वेतन भत्ता अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय किया है। यह विधेयक मानसून सत्र में ही प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका अनुमोदन आज कैबिनेट ने भी कर दिया।
भाजपा के पाले में आ चुके कांग्रेस के विधायक रामनिवास रावत को सदन में सत्ता पक्ष का आसन क्रम समाप्त होने के बाद पहली पंक्ति में ही बैठने का स्थान दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्थान पर सदन के वरिष्ठतम विधायक गोपाल भार्गव बैठे।
एक से 19 जुलाई तक चलने वाले मानसून सत्र में कुल 14 बैठकें होंगी। सदस्यों ने ध्यानाकर्षण की 163, एक स्थगन, 27 अशासकीय संकल्प और शून्यकाल की 43 सूचनाएं दी हैं।
सदस्यों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके निर्देश विधानसभा अध्यक्ष ने दिए हैं। मीडिया से चर्चा में कहा कि नियमों के अंतर्गत जो भी विषय आएंगे, उन पर सहमति बनाकर चर्चा कराई जाएगी। कांग्रेस विधायक दल द्वारा रामनिवास रावत का स्थान लखन घनघोरिया को देने के कारण विधानसभा सचिवालय ने उनकी वरिष्ठता को देखते हुए पहली पंक्ति में ही बैठाने का निर्णय लिया है।