करोड़ों रुपए पर पानी फिर गए, जानें 100 साल से स्विमिंग पर बैन वाली सीन नदी क्यों सुर्खियों में है

Updated on 31-07-2024 02:43 PM
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में हो रहे ओलिंपिक अपने आगाज वाले दिन से ही अलग-अलग वजहों से सुर्खियों में है। सबसे नया सीन नदी में होने वाले पुरुषों की ट्रायथलॉन का लगातार टलना शामिल है। मंगलवार को एक बार फिर सीन नदी में पानी की गुणवत्ता के मुद्दों के कारण इस प्रतियोगिता को टाल दिया गया। दरअसल लंबे से प्रदूषित सीन नदी में 100 साल से ज्यादा समय से भी स्विमिंग पर बैन लगा हुआ है। आयोजकों ने कहा कि ओलिंपिक के लिए सीन की सफाई पर लगभग 1.5 बिलियन डॉलर यानी 1,25,596 लाख करोड़ रुपए खर्च किए थे।दुनिया के तमाम पुराने शहरों की तरह पेरिस में भी कम्बाइंड सीवर सिस्टम है। इसका मतलब है कि शहर से निकलने वाला गंदा पानी और बारिश का पानी भी एक ही पाइप से बहते हैं। भारी या लंबे समय तक बारिश होने पर पाइप डूब जाते हैं। फिर बिना ट्रीट किया हुआ पानी ट्रीटमेंट प्लांट के बजाय नदी में बह जाता है। इससे बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी पानी में आ जाते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा, गेन्सविले में संक्रामक रोगों की एक्सपर्ट डॉ. निकोल आयवीन का मानना है कि लगातार बारिश से न सिर्फ मानव जनित गंदगी, बल्कि जंगली जानवरों के अपशिष्ट नदी में आते हैं। ओपनिंग सेरेमनी के दौरान भारी बारिश ने स्थिति और खराब कर दी थी। इससे नदी के पानी की क्वॉलिटी भी खराब हुई।
नदी की सफाई के लिए पैरिस ने क्या किया?पेरिस ओलिंपिक की तैयारी के लिए शहर में ज्यादा बारिश होने पर उसके पानी को इकट्ठा करने और कचरे को नदी में बहने से रोकने के लिए विशाल बेसिन बनाया गया है। सीवेज सिस्टम को भी दुरुस्त किया गया गया। वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की भी मरम्मत की गई। हालांकि, भारी बारिश से अब भी नुकसान पहुंचने का खतरा है। डॉ. निकोल का कहना है कि पेरिस शहर ने सीन को साफ करने के लिए बहुत काम किया है, लेकिन वे मौसम को नियंत्रित नहीं कर सकते। शहर के अधिकारियों ने कहा कि ओलिंपिक के शुरुआती समय में हुई बारिश से बेसिन का 20 प्रतिशत हिस्सा भर गया था। इसलिए बाद में प्रदूषण अपशिष्ट जल से आया।
जून में पानी की क्वॉलिटी की जांच की गई तो ई.कोलाई बैक्टीरिया के होने का पता चला। ई.कोलाई इंसानों और जानवरों की आंतों और खुले वातावरण में भी पाया जाता है। आम तौर पर यह दूषित खाने, पानी और संक्रमित जानवरों और इंसानों के संपर्क में आने पर फैलता है। बैक्टीरिया के असुरक्षित स्तर वाले पानी में तैरने से पेट और आंतों की समस्या हो सकती है। यहां तक कि दूषित पानी की एक घूंट भी दस्त का कारण बन सकता है। इस तरह के बैक्टीरिया जानलेवा सेप्सिस जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
बारिश के बाद अब लू का खतरा

बारिश से राहत मिली तो अब पेरिस में गर्मी ने परेशानी बढ़ा दी है। तेज गर्मी के कारण लू का खतरा भी मंडराने लगा है। मंगलवार को पेरिस और आसपास के इलाकों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक हो गया। बारिश के कारण खेलों की खराब शुरुआत के बाद आयोजक अब खिलाड़ियों और दर्शकों को गर्मी से बचने के लिए आगाह कर रहे हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 15 March 2026
रायपुर।सपनों को उड़ान देने के लिए पंख नहीं, साहस और संकल्प की जरूरत होती है। इसी बात को सत्य साबित किया है छत्तीगसढ के धमतरी की एक साधारण लेकिन जुझारू…
 15 March 2026
रायपुर।ग्रामीण अंचल की महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का नया सवेरा छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने लाया है। सरगुजा जिले के ग्राम गुमराकलां की रहने वाली श्रीमती…
 15 March 2026
रायपुर।राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि समृद्ध और सुलभ ग्रामीण भारत के लिए मज़बूत आधारभूत संरचना आवश्यक है। पुल केवल दो छोरों को नहीं जोड़ते, बल्कि जीवन, अवसर और…
 15 March 2026
रायपुर।इमली प्रसंस्करण समिति चितापुर की महिला समूह की दीदियों ने अपनी मेहनत और लगन के बूते यह सिद्ध कर दिया है कि यदि ग्रामीण संसाधनों का सही तरीके से प्रसंस्करण…
 15 March 2026
रायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही…
 15 March 2026
रायपुर।आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI), नवा रायपुर द्वारा 13–14 मार्च 2026 को आयोजित आदि परब–2026 कार्यक्रम “From Tradition to Identity” थीम के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत सरकार…
 15 March 2026
रायपुर।जशपुर वनमंडल अंतर्गत दो अलग-अलग स्थानों पर लगी वनाग्नि को वन विभाग की त्वरित कार्यवाही से समय रहते नियंत्रित कर लिया गया है। इसके फलस्वरूप बड़ी वन क्षति होने से…
 15 March 2026
रायपुर। राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों की नियमित उपलब्धता और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए रायगढञ जिला प्रशासन सतर्क है। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग…
 15 March 2026
भोपाल, राजधानी के कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में अब 20 मार्च से महिलाओं को नि:संतानता (इन्फर्टिलिटी), पीसीओएस, सर्वाइकल कैंसर, मोटापा, मेनोपॉज, और अनियमित मासिक धर्म जैसी समस्याओं का इलाज मिलेगा। अस्पताल…
Advt.