
भोपाल के तुलसी नगर-शिवाजी नगर इलाके में मंत्री-विधायकों के बंगलों के लिए 29 हजार से ज्यादा पेड़ काटे जाने के प्लान का विरोध जारी है। बुधवार से शुक्रवार तक लगातार 3 दिन तक लोग सड़क पर उतरे। महिलाएं तो पेड़ों से चिपक कर भावुक हो गईं। सोमवार को भी आंदोलन चलेगा। तुलसी नगर इलाके में कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
बता दें कि पेड़ काटे जाने के विरोध में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेसियों ने पहले ही मोर्चा संभाल रखा है। दो दिन तक 5 नंबर स्टाॅप और एक दिन नूतन कॉलेज के सामने प्रदर्शन हो चुका है। इसमें कांग्रेसी समेत पर्यावरणविद् भी शामिल हुए।
अब तुलसी नगर में भी सोमवार को प्रदर्शन होने जा रहा है। पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने बताया, 29 हजार पेड़ों को बचाने के लिए सड़क पर उतर रहे हैं। ये पेड़ 50 से 70 साल तक पुराने हैं।
17 जून को शाम 5.30 बजे सेकेंड स्टॉप तुलसी नगर से कैंडल मार्च निकालेंगे। जिसमें भोपाल के हजारों लोग शामिल होंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
शिवराज और सिंधिया को रोक एबीवीपी ने कहा- हमारे 29 हजार पेड़ बचा लीजिए
29 हजार पेड़ काटने के विरोध में अब आरएसएस का छात्र संगठन एबीवीपी भी शामिल हो गया है। उसने रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान और दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को सुभाष एक्सीलेंस स्कूल के पास रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने कहा- हमारे 29 हजार पेड़ बचा लीजिए। भोपाल की हरियाली को बचाने के लिए इन पेड़ों को काटने से रोकना जरूरी है। शिवराज बोले-जब तक मैं हूं, कोई पेड़ नहीं कटेगा। सिंधिया ने भी पेड़ नहीं कटने देने की बात कही।
बुधवार से हो रहा लगातार प्रदर्शन
पेड़ों को काटे जाने के विरोध में भोपाल में लगातार प्रदर्शन हो रहा है। बुधवार को 5 नंबर स्टॉप पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन हो चुका है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे, लोकसभा चुनाव के कांग्रेस कैंडिडेट रहे अरुण श्रीवास्तव, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी, पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने मोर्चा संभाला था।
इसके बाद गुरुवार को शिवाजी नगर एवं तुलसी नगर की महिलाएं पेड़ों से चिपक गई थीं। महिलाओं ने कहा कि पेड़ काटे जाते हैं तो उग्र प्रदर्शन करेंगे। फिर चाहे सरकार उन्हें जेल में ही क्यों न बंद कर दें। प्लान को सरकार मंजूर न करें।
शुक्रवार को नूतन कॉलेज के सामने यह प्रदर्शन हुआ था। इसमें हर वर्ग के लोग शामिल हुए थे।
कोर्ट की शरण में भी जाएंगे
पर्यावरणविद सुभाष सी. पांडे ने बताया कि पेड़ों की रक्षा के लिए शहर के सांसद, विधायक और अधिकारियों के पास जा रहे हैं। जरूरत पड़ी तो कोर्ट की शरण में जाएंगे।