
मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के 46491 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। इसमें नियमित, संविदा और आउटसोर्स वाले पद शामिल हैं। 18653 पदों की भर्ती आगामी 2 वर्ष में की जाएगी। जिन पर 343.29 करोड़ रुपए सालाना खर्च होंगे। बचे 27838 पदों की भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से की जाएगी। इसके अलावा चिकित्सा एक्सपर्ट्स के 607 पद सीधी भर्ती से मप्र लोकसेवा आयोग (पीएससी) के माध्यम से भरे जाएंगे।
607 प्रमोशन वाले पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे
रिक्त 1214 पदों में से 50 प्रतिशत यानी 607 पदों की पूर्ति सीधी भर्ती से की जाएगी। इससे पहले 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाते थे। पहली बार ऐसा हो रहा है। भर्ती प्रक्रिया एक साल में पूरी होगी।
पीएससी से निश्चेतना विशेषज्ञ, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, अस्थि रोग विशेषज्ञ तथा सर्जरी विशेषज्ञ के पदों की भर्ती होगी।
इसके आधार पर रिक्त पदों को भरने के लिए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को विज्ञापन जारी करने की अनुमति दी गई।ऐसे चलेगी पदों की भर्ती की प्रक्रिया
स्वास्थ्य संस्थाओं के 46491 नवीन पदों में नियमित, संविदा और आउट सोर्स वाले पद शामिल हैं।
आईपीएचएस के स्टैंडर्ड 2012 के हिसाब से अस्पतालों की सेवाओं का उन्नयन किया जाएगा। भर्ती दो साल में की जाएगी।
तृतीय, चतुर्थ श्रेणी और पैरामेडिकल स्टाफ के 18653 पदों पर भर्ती अगले 2 वर्ष में की जाएगी। जिसमें लिपिकीय स्टाफ के साथ नर्स, वार्ड बाय, ड्रेसर समेत अन्य पदों पर काम करने वाले कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड समेत 9 सेवाओं के लिए आउट सोर्स से भर्ती की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार की संस्था को अधिकृत कर दिया है।
शेष 27838 पदों की भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से की जाएगी।