कलियासोत और भदभदा डैम के गेट खुले, पांच एमसीएम छोड़ा पानी
भारी बारिश के चलते शहर के जलाशय लबालब हो गए। इसके चलते शुक्रवार को पहले भदभदा और फिर कलियासोत डैम के गेट खोले गए। सुबह सवा नौ बजे सबसे पहले भदभदा का पहला गेट खोला गया। इसके बाद 15 मिनट बाद दूसरा गेट खोला। जिसके तुरंत बाद कलियासोत डैम के पांच गेट खोल दिए गए थे।
चूंकि बारिश का दौर लगातार जारी है। इसके मद्देनजर भदभदा डैम के छह गेट खोले गए, जिनसे रात आठ बजे तक 410 मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी को छोड़ा जा चुका था। भदभदा डैम के गेट पिछले साल सितंबर में खोले गए थे। वहीं कलियासोत डैम के सभी 13 गेट दोपहर साढ़े तीन बजे खोल दिए गए।
कलियासोत से रात आठ बजे तक पांच मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी छोड़ा जा चुका था। हालांकि अभी कलियासोत डैम 2.27 मीटर खाली है, लेकिन डैम में पानी का लेवल मेंटेन करने के लिए पानी को छोड़ा गया।
वर्तमान में कलियासोत डैम का जलस्तर 503.40 मीटर है। डैम का फुल टैंक लेवल 505.67 मीटर है। डैम का जब तक 502 मीटर पानी का लेवल नहीं आएगा, तब तक पानी छोड़ा जाएगा। आखिरी बार कलियासोत डैम के गेट वर्ष 2022 अगस्त में खुले थे।
कोलार डैम के आठ में से चार गेट खुले
भोपाल के पास कोलार डैम के भी आठ में से चार गेट खोले गए हैं। सभी गेट को कुल सात मीटर खोला गया है। डैम प्रभारी हर्षा जैनवाल ने बताया कि कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश हो रही है। इस वजह से कोलार डैम में पानी भी बढ़ रहा है, इसलिए चार गेट खोल गए हैं। वहीं केरवा डैम अभी करीब 30 प्रतिशत खाली है।
20 परिवारों को सुरक्षित निकाला
कलियासोत नदी के कैचमेंट क्षेत्र में स्थित बस्तियों को खाली कराने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। कोलार एसडीएम रविशंकर राय ने बताया कि कलियासोत डैम से पानी छोड़े जाने पर कलियासोत नदी का जलस्तर बढ़ेगा।
इससे पहले ही समरधा स्थित निचली बस्ती से 20 परिवारों को सुरक्षित निकालकर अन्य जगह विस्थापित किया गया है। इसके अलावा उनके रहने के साथ ही भोजन सहित अन्य सुविधाओं का इंतजाम भी किया गया है। वहीं क्षेत्र में सुरक्षा के लिए पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और एसडीईआरएफ की टीम तैनात की गई है।