
शहर में हर वर्ष जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम द्वारा तैयारियां की जाती हैं लेकिन जब भी तेज वर्षा होती है तो स्थिति जस की तस बन जाती है। शहर के करोंद,हाउसिंग बोर्ड, टीलाजमालपुरा, नारीयल खेड़ा, शाहजहांनाबाद,छोला, भानपुर, मालीखेड़ी, कोलुआ, दामखेड़ा, आनंद नगर, कोलार, संत हिरदाराम नगर सहित अन्य क्षेत्रों में सड़कों पर और निचली कालोनियों में जलभराव हो गया।इस वजह से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुराने शहर में करोंद चौराहे से सिंधी कालोनी तक मेट्रो रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया है। इसके लिए कंपनी द्वारा सड़कों पर बेरिकेटिंग कर काम किया जा रहा है। इससे यहां पर वाहनों के आवागमन के लिए जगह कम ही बची है। जो जगह बची है वह जर्जर है।वर्षा होने से यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है।इस वजह से यहां पर घंटों तक जाम लगा रहता है।
वर्षा के कारण शहरी और ग्रामीण के लगभग 50 से अधिक क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई।शहर के लांबाखेड़ा, नवीबाग, करोंद, पलासी, छोला, भानपुर, मालीखेड़ी, कोलुआ, दामखेड़ा, हाउसिंग बोर्ड, आरीफ नगर, डीआइजी बंगला, सिंधी कालोनी, टीलाजमालपुरा,नारीयल खेड़ा, गौतमनगर सहित अन्य क्षेत्रों में तीन से चार घंटे तक बिजली गुल रही। हालांकि जानकारी मिलने पर बिजली अमले द्वारा सुधार कार्य कर आपूर्ति शुरू कर दी गई थी।
तेज वर्षा से बड़ा तालाब अपने 1666.80 तय जलस्तर पर पहुंच गया था। ऐसे में रात करीब आठ बजे भदभदा डैम का एक गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। रात 11 बजे एक और गेट खोला गया। वहीं केरवा डैम भी अपने 509.93 मीटर तय जलस्तर पर पहुंच गया। ऐसे में इसके भी चार गेट खुल गए। वहीं कलियासोत डैम का भी एक गेट खोला गया है।