
भोपाल में मेट्रो के दूसरे फेज के काम की शुरुआत हो गई है। सुभाष नगर से करोंद के बीच 8.77Km लाइन बिछेगी। जिन जगहों पर पिलर खड़े होंगे, वहां मिट्टी की टेस्टिंग भी शुरू कर दी गई है। ICAR (भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान) के ठीक सामने मेट्रो का पहला पिलरबनेगा। सड़क के इस हिस्से को आसपास से कवर किया है।
आईसीएआर करोंद चौराहे से करीब 200 मीटर दूर है। चौराहे पर मेट्रो स्टेशन बनेगा, जबकि बैरसिया रोड तक 200 मीटर हिस्से में ट्रैक बिछेगा। इसलिए पिलर बनाए जाएंगे। बता दें कि भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर (सुभाष नगर से एम्स के बीच) में ट्रैक पर 80Km की स्पीड से ट्रेन दौड़ चुकी है।
दिन के अलावा रात में भी मेट्रो दौड़ रही है। वहीं, कमर्शियल रन को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच दूसरे फेज में लाइन बिछाने वाली कंपनी ने करोंद से मिट्टी के सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं।
3.39Km रूट अंडरग्राउंड रहेगा
सुभाषनगर से करोंद के बीच 8.77Km में से 3.39 Km लंबा रूट अंडरग्राउंड रहेगा। जब अंडरग्राउंड रूट का काम शुरू होगा, तब आम लोगों की सुरक्षा के लिए क्या कवायदें होंगी और रूट को कैसे डायवर्ट करना पड़ेगा, इसे लेकर अफसर मंथन कर चुके हैं। बताया जाता है कि इस रूट पर 95% सरकारी जमीन है। बाकी प्राइवेट लैंड भी हिस्से में आएगी। इसके लिए भी एमडी सीबी चक्रवर्ती ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से चर्चा की है।
मेट्रो की ऑरेंज लाइन, CM कर चुके भूमिपूजन
भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन यानी एम्स से करोंद तक का रूट कुल 14.99 Km लंबा है। इसमें सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 Km का प्रायोरिटी कॉरिडोर है। 8 में से 5 स्टेशनों के बीच अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन हुआ था। रानी कमलापति, सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी के सामने और एमपी नगर के स्टेशनों का काम 90% से ज्यादा पूरा हो चुका है।
एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशनों का सिविल वर्क पूरा हो चुका है, जबकि फिनिशिंग से जुड़े काम निपटाए जा रहे हैं। वहीं, डीआरएम ऑफिस चौराहे पर स्टील ब्रिज का निर्माण हो रहा है। रेलवे ट्रैक के ऊपर से भी ब्रिज गुजरेगा। इसके लिए रेलवे से ब्लॉक मांगा गया है। दूसरी ओर, ट्रेन अपने अधिकतम स्पीड में भी दौड़ चुकी है।