
क्या है पूरा पूरा मामला
मृतक ओम प्रकाश राठौर को ब्रेन हैमरेज के कारण सागर से हमीदिया रेफर किया गया था, जहां शुक्रवार को लगभग चार बजे उनकी मृत्यु हो गई। नियमतः अस्पताल से मृतक के गृह जिले तक शव ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराना चाहिए था, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी प्रबंधन ने कोई सहयोग नहीं किया।
छह हजार देकर ले गए
परिजनों ने बताया कि वे निजी वाहन से ओम प्रकाश राठौर को यहां लाए थे, और अब वापसी के लिए सरकारी सुविधा नहीं मिल रही है। दो घंटे तक अस्पताल परिसर में शव के साथ इंतजार करने के बाद मजबूरन परिजनों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा, जिसके लिए उन्हें करीब छह हजार रुपये खर्च करने पड़े।