संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन पर भारत, चीन और अमेरिका आए एक साथ, अहम प्रस्ताव पर वोटिंग से दूरी, समझें मतलब

Updated on 25-02-2026 12:15 PM
न्यूयॉर्क: भारत ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक रूस-यूक्रेन युद्ध पर अहम प्रस्ताव पर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव में यूक्रेन में पूरी तरह और बिना शर्त युद्धविराम की मांग की गई है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 24 फरवरी को रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे होने पर पास किया है। प्रस्ताव में यूक्रेन के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर का समर्थन किया गया। 193 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मंगलवार को आए इस प्रस्ताव को भारी अंतर से अपनाया है। कीव की तरफ से पेश किए गए इस प्रस्ताव के पक्ष में 107 देशों ने वोट किया। 12 इसके खिलाफ रहे, जबकि 51 देशों ने वोट नहीं दिया।

भारत, चीन और अमेरिका एक पाले में खड़े

भारत उन 51 देशों में शामिल था, जिन्होंने प्रस्ताव में हिस्सा नहीं लिया। चीन ने भी भारत की तरह ही वोटिंग से दूरी बनाई। इसके अलावा अमेरिका, ब्राजील, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने भी हिस्सा नहीं लिया। 'यूक्रेन में हमेशा रहने वाली शांति के लिए समर्थन' के नाम से आए प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र चार्टर समेत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, एक पूरी, सही और हमेशा रहने वाली शांति की मांग दोहराई गई।

प्रस्ताव का क्या होगा असर?

हालांकि, प्रस्ताव पर वोटिंग इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं बनाती है, लेकिन अपना राजनीतिक असर रखती है। इसमें रूस, बेलारूस और सूडान विरोधियों में शामिल रहे, भारत और चीन जैसे रूस के दोस्त अनुपस्थित रहे। ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका का वोटिंग से दूर रहना भी महत्वपूर्ण है।रूस-यूक्रेन युद्ध के 4 सालों के दौरान 15 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद हमेशा डेडलॉक में रही है। यह यूक्रेन युद्ध पर ऐक्शन लेने में नाकाम रही है, क्योंकि रूस के पास सुरक्षा परिषद में वीटो है। सुरक्षा परिषद की बाद में हुई एक बैठक में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यूक्रेन युद्ध हमारे सामूहिक विवेक पर दाग बना हुआ है और तुरंत सीजफायर की मांग दोहराई। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने वोटिंग में समर्थन देने वाले देशों को शुक्रिया अदा किया और कहा 'मैं उन सभी 107 देशों का शुक्रगुजार हूं, जो आज जिंदगी बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के साथ खड़े थे।'

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 March 2026
इस्लामाबाद: अफगानिस्तान की तालिबान आर्मी ने कथित तौर पर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ड्रोन अटैक किया है। अफगान सेना के शुक्रवार के ड्रोन हमले के बाद इस्लामाबाद हवाई अड्डा…
 14 March 2026
तेहरान: अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण खर्ग आईलैंड पर हमला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इस हमले की जानकार दी है और…
 14 March 2026
तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका पर हमला बोला और कहा कि वॉशिंगटन पर भारत समेत दुनिया भर के देशों के सामने रूसी तेल खरीदने…
 14 March 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग आईलैंड पर हमला किया है। इस हमले के साथ ही यह सवाल उठने लगा है…
 14 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान के मिसाइल हमले…
 14 March 2026
तेहरान/नई दिल्‍ली: भारत में तेल और गैस की भारी किल्‍लत के बीच ईरान ने बड़ी राहत दी है। ईरान ने कहा है कि वह स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय…
 14 March 2026
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि सेंट्रल कमांड ने ईरान के सबसे बड़े तेल टर्मिनल खर्ग आईलैंड पर भीषण हमला किया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल…
 14 March 2026
ढाका: बांग्‍लादेश में तारिक रहमान के पीएम बनने के बाद विदेश मंत्री खलीलुर रहमान शनिवार को अपनी पहली विदेश यात्रा पर तुर्की जा रहे हैं। खलीलुर रहमान तुर्की के विदेश मंत्री…
 13 March 2026
इस्लामाबाद, पाकिस्तान ने गुरुवार रात अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए। रॉयटर्स के मुताबिक, काबुल में घरों पर हुई बमबारी में 4 लोगों की मौत और 15 घायल हो…
Advt.