कंगना रनौत की सेंसर बोर्ड को दो टूक- 'इमरजेंसी' में कट्स नहीं लगाएंगे, हम फिल्म की अखंडता की रक्षा करेंगे
Updated on
28-09-2024 01:28 PM
बॉलीवुड एक्ट्रेस, फिल्ममेकर और सांसद कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' की रिलीज पर तकरार खत्म होती नजर नहीं आ रही है। एक ओर जहां सेंसर बोर्ड ने कोर्ट में साफ कर दिया है कि वह बिना कट्स के फिल्म को रिलीज के हरी झंडी नहीं देंगे, वहीं शुक्रवार को कंगना ने एक बार फिर कहा है कि 'इमरजेंसी' में कोई कट्स नहीं लगाएंगी। एक्ट्रेस ने कहा कि सेंसर बोर्ड से फिल्म में 13 कट्स लगाने का सुझाव मिला है, पर ये सुझाव 'काफी अनुचित' हैं और उनकी टीम इस पर अड़ी हुई है।
कंगना रनौत 'इमरजेंसी' की लीड एक्ट्रेस होने के साथ ही इसकी डायरेक्टर और को-प्रोड्यूसर भी हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी टीम 'फिल्म की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए दृढ़ है' और इसलिए इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं करेगी। वह फिल्म में दिवंगत इंदिरा गांधी का किरदार निभा रही है।
कंगना रनौत बोलीं- हमने फिल्म से कोई समझौता नहीं किया है
कंगना रनौत ने कहा, 'हमें कट्स लगाने के लिए सुझाव मिले हैं, लेकिन इनमें से कुछ सुझाव काफी अनुचित लगते हैं... अच्छी बात यह है कि अधिकांश इतिहासकारों और समीक्षा समिति के सदस्यों ने हमारी फिल्म में एक नेता के सबसे भरोसेमंद और तथ्यात्मक तरह से दिखाने के लिए तारीफ की है। उन्होंने विशेष रूप से सच्चाई के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की है, जिसमें छोटी से छोटी बात से भी समझौता नहीं किया गया है। उनका यह समर्थन उत्साह बढ़ता है।'
'हम फिल्म की अखंडता की रक्षा के लिए तैयार हैं'
मंडी से बीजेपी सांसद कंगना ने आगे कहा, 'फिल्म को मिली यह तारीफ इस बात की पुष्टि करती है कि हमने कहानी को वह सम्मान दिया है, जिसकी वह हकदार है। फिर भी, हम अपने पक्ष के साथ खड़े हैं और फिल्म की अखंडता की रक्षा के लिए तैयार हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं फिल्म का सार बरकरार रहे।'
सिख संगठनों ने 'इमरजेंसी' पर लगाए हैं आरोप
गौरतलब है कि 'इमरजेंसी' पर शिरोमणि अकाली दल सहित सिख संगठनों ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि फिल्म में सिख समुदाय को गलत तरीके से पेश किया गया है और ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से दिखाया गया है। पहले यह फिल्म 6 सितंबर को रिलीज होने वाली थी। लेकिन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण यह अटकी हुई है। मेकर्स ने इस बाबत बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्जी दी है।
'इमरजेंसी' पर बॉम्बे हाई कोर्ट में 30 सितंबर को सुनवाई
बीते गुरुवार को कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई, जहां सेंसर बोर्ड ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि अगर फिल्म में उनकी ओर से सुझाए गए कट्स लगाए जाते हैं, तो उन्हें इसकी रिलीज के लिए सर्टिफिकेट देने में कोई ऐतराज नहीं है। जी-स्टूडियोज के वकील ने कोर्ट में इस पर कहा था कि टीम को इस पर विचार करने के लिए वक्त चाहिए कि ये कट्स लगाए भी जा सकते हैं या नहीं। मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को होनी है।
सेंसर बोर्ड ने फिल्म में लगाए हैं 13 कट्स
कथित तौर पर सेंसर बोर्ड की संशोधन समिति ने फिल्म में 13 कट लगाने के निर्देश दिए हैं और साथ ही U/A प्रमाणपत्र जारी किया है। इससे पहले बीते हफ्ते सुनवाई के दौरान जी एंटरटेनमेंट ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक कारणों और हरियाणा में आगामी चुनावों के कारण फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है।
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