भोपाल। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) द्वारा सन् 2013 से शहर में लो-फ्लोर बसों का संचालन शुरू किया गया था। तब इसकी शुरुआत 100 लो-फ्लोर बसों के साथ की गई थी । शुरुआती दौर में शहर के चंद रूटों पर लो-फ्लोर बसों को चलाया गया था, लेकिन वर्तमान में करीब 15 रूटों से अधिक रूट पर लो-फ्लोर बसों का संचालन किया जा रहा है । शहर के विभिन्न मार्गों पर बीसीएलएल की करीब वर्तमान में 250 से अधिक बसें नियमित रूप से रोजाना चलती हैं । इन बसों में रोजाना करीब एक से ड़ेढ लाख यात्री सफर करते हैं । इस हिसाब से प्रत्येक बस में करीब 10 हजार से अधिक यात्री लो-फ्लोर बसों का उपयोग कर रहे हैं । पिछले 12 साल से बसों के संचालन के दौरान कई बसें काबड़ भी हुई हैं। जिनको समय-समय पर स्क्रैप के लिए भेज दिया जाता है। वर्तमान में मात्र पांच-छह बसें कबाड़ हैं, जो डिपो में खड़ी हुई हैं। बीसीएलएल के अधिकारियों का कहना है कि शहर में नगर परिवहन सेवा शुरू हुई है। तब से यात्रियों को कम किराए पर बेहतर सुविधा मुहैया कराई गई है। नई स्कीम के जरिए यात्रियों को बीसीएलएल जोड़ा है। पास की सुविधा के जरिए शहर के विद्यार्थी वर्ग को बहुत लाभ मिला है।फैक्ट फाइल2013 में बीसीएलएल की हुई थी शुरुआत
100 बसों से साथ सड़कों पर चली थी बसें
250 बसें वर्तमान में हो रही संचालित
15 रूटों पर हो रहा बसों का संचालन
01 लाख से अधिक यात्री रोजाना करते सफर
05 कबाड़ बसें खड़ी डिपो में
10 हजार यात्री प्रत्येक बस में करती सवारी
इनका कहना है
बीसीएलएल बस यात्रियों को कम किराए पर बेहतर सुविधा दे रहा है । वर्तमान में लो-फ्लोर बसों के जरिए यात्री शहर के आखिरी कोने तक सफर कर सकते हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। महिला यात्रियों के बैठने के लिए व्यवस्था अगल है। भविष्य में बसों की संख्या में और इजाफा किया जाएगा।
संजय सोनी, पीआरओ, बीसीएलएल