
उधर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को संचार और डॉ. वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का दायित्व मिला है। मोदी मंत्रिमंडल में मध्य प्रदेश से 5 मंत्री बनाए गए हैं। शिवराज सिंह चौहान को उनके कद के अनुरूप महत्वपूर्ण मंत्रालय का दायित्व दिए जाने की संभावना जताई जा रही थी। मोदी सरकार की प्राथमिकता में किसान रहे हैं और शिवराज सरकार में कृषि क्षेत्र में कई नवाचार किए गए थे।
कृषि विकास दर दहाई में लगातार बनी रही। सिंचाई क्षमता 45 लाख हेक्टेयर हो गई। इसका लाभ उत्पादन में वृद्धि के रूप में किसानों को मिला। जब उपज की कीमतें बाजार में समर्थन मूल्य से कम थीं तो उन्होंने भावांतर जैसी योजना लागू की, जिसमें अंतर की राशि का भुगतान सरकार की ओर से किया गया। समर्थन मूल्य पर उपार्जन की गारंटी किसानों को दी। भू-राजस्व संहिता के प्रविधानों में संशोधन करके आपदा की स्थिति में किसानों को होने वाली क्षतिपूर्ति में कई गुना की वृद्धि की।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ जैविक और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देना के लिए कदम उठाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना लागू करके पहले चार और फिर छह हजार रुपये प्रतिवर्ष देने की व्यवस्था लागू की। कृषि को उद्यानिकी और पशुपालन से जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि के लिए प्रयास हुए।
पंचायत राज संस्थाओं को मजबूत करने के साथ ग्रामीण विकास पर फोकस किया। इसे देखते हुए ही उन्हें प्रधानमंत्री ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का दायित्व सौंपा है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले मध्य प्रदेश के ही नरेन्द्र सिंह तोमर ग्रामीण विकास मंत्रालय का दायित्व संभाल चुके हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया को संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का दायित्व दिया था। इसके पहले उनके पास नागरिक उड्डयन मंत्रालय था। डॉ. वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को दायित्व दिया है। पहली बार राज्य मंत्री बने दुर्गादास उइके को जनजातीय कार्य और सावित्री ठाकुर को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दिया गया है।