भोपाल। शहर के बिट्टन मार्केट में स्थित नाबार्ड परिसर में आम की अनुपम बहार आई है। यहां 11 जिलों से आए 11 अलग-अलग किस्मों के आम की सुगंध बरबस ही शहर में आम के शौकीनों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में आम महोत्सव का शहरवासी कई दिनों से इंतजार कर रहे थे और शुक्रवार को सातवें संस्करण का जैसे ही शुभारंभ हुआ, आम के शौकीनों का मजमा लग गया। आम महोत्सव में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए आदिवासी किसानों के स्टाल लगाए गए हैं, जहां आलीराजपुर और झाबुआ के साथ रीवा के आमों की महक भी लुभा रही है। यह आम महोत्सव 18 जून तक चलेगा।
महोत्सव में आए हैं 18 टन आम, सिर्फ आलीराजपुर से सात टन
आम महोत्सव में मध्यप्रदेश के कुल 11 जिलों से आम की 11 किस्में आई हैं। इनमें लंगड़ा, केसर, मालदा, दशहरी, चौसा, आम्रपाली, अल्फांसो, राजापुरी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सुंदरजा आम की किस्म भी आई है, जिसे जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इस वर्ष आम महोत्सव में 18 टन आम आए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा आलीराजपुर से सात टन आम आए हैं।
विशाल आकार से मिला "राजापुरी" नाम
आलीराजपुर से राजापुरी आम लाने वाले रूमल बघेल का कहना है कि आलीराजपुर मुख्यत: भील जनजातीय इलाका है। वहां की जनजाति प्राकृतिक रूप से इस आम को उगाती है और इस आम का नाम राजापुरी इसके साइज के आधार पर रखा गया है, क्योंकि यह साइज में काफी बड़ा है। इसका उपयोग आमतौर पर अचार के लिए किया जाता है। साथ ही मिठास के कारण इसे कच्चा भी खाया जाता है।
देशभर में है सुंदरजा की मांग
सतना जिले के गोविंदगढ़ का प्रसिद्ध सुंदरजा आम बाजार में सबसे खास है, जिसकी कीमत 350 रुपए प्रति किलो है। किसान सचिन का कहना है कि अभी यह आम प्रदेश के आसपास यूपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात के अलावा बिहार और अन्य राज्यों में भी निर्यात किया जाता है और आने वाले समय में यह विदेशों में भी एक्सपोर्ट होगा। इस आम के अनूठे स्वाद की वजह से इसकी कीमत भी अधिक है। वहीं जीआई टैग मिलने के बाद से इसकी मांग और भी बढ़ गई है।
हर साल बढ़ रही आम की बिक्री
आम महोत्सव हर संस्करण के साथ विस्तार पाता जा रहा है। नाबार्ड द्वारा आम महोत्सव की शुरुआत 2018 में की गई थी, जिसमें शुरुआती वर्षों में काफी कम मात्रा में आमों की आवक होती थी। नाबार्ड के अधिकारियों के अनुसार हर वर्ष बिक्री में 20 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है। आगामी वर्षों में नाबार्ड अधिक किसानों तक अपनी योजना को पहुंचाकर आम की पैदावार में वृद्धि करेगा।