मेट्रो यात्रियों को अब नहीं काटना पड़ेगा लंबा चक्कर: दिल्ली की तर्ज पर तैयार हुआ एफओबी का डिजाइन

Updated on 13-06-2026 11:32 AM
भोपाल। शहर में मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर के कमर्शियल रन (व्यावसायिक संचालन) का इंतजार कर रहे शहरवासियों के लिए एक बेहतरीन खबर है। मेट्रो प्रबंधन यात्रियों की सहूलियत और फुटफॉल (राइडरशिप) बढ़ाने के लिए सुभाष नगर स्टेशन पर रेलवे ट्रैक के ऊपर शहर का पहला मेट्रो फुटओवर ब्रिज (एफओबी) बनाने जा रहा है।दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर तैयार होने वाले इस खास डिजाइन के एफओबी के बनने से सुभाष नगर और उसके आस-पास की करीब 1 लाख की आबादी को सीधा फायदा पहुंचेगा और उन्हें मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।
दूसरी तरफ, मेट्रो प्रबंधन कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी को दोबारा निरीक्षण के लिए बुलाने की तैयारियों में जुट गया है, क्योंकि रूट पर सुरक्षा से जुड़े तकनीकी काम अब अंतिम चरण में हैं।

दिल्ली की तर्ज पर 10 मीटर की ऊंचाई पर बनेगा FOB; जमीन का काम पूरा

सुभाष नगर स्टेशन पर बनने वाले इस फुटओवर ब्रिज का पूरा खाका तैयार हो चुका है, जिसकी विशेषताएं इस प्रकार हैं।
लंबाई और ऊंचाई: यह एफओबी जमीन से करीब 10 मीटर की ऊंचाई पर बनेगा, जिसकी कुल लंबाई 40 मीटर होगी। यह सीधे रेलवे ट्रैक के पार से यात्रियों को मेट्रो स्टेशन की पहली मंजिल (कॉनकोर्स लेवल) तक लेकर आएगा।
रेलवे से ली जमीन: मेट्रो प्रबंधन ने इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए रेलवे से आवश्यक जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य आस-पास की घनी कॉलोनियों के लोगों को स्टेशन तक आसान और सुरक्षित पहुंच (लास्ट माइल कनेक्टिविटी) देना है।

यात्रियों को मिलेगी सहूलियत

एफओबी मुख्य रूप से पैदल यात्रियों को रेलवे ट्रैक या सड़क पार कराकर सीधे मेट्रो स्टेशन तक पहुंचाने वाला पुल होता है। वहीं, स्काई वॉक दो अलग-अलग परिवहन प्रणालियों (जैसे रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशन के बीच कॉरिडोर को आपस में जोड़ता है, जिससे यात्री बिना स्टेशन से बाहर निकले एक से दूसरे मोड में जा सकें।

ऑडिट की तैयारी; प्रायोरिटी रूट का काम अंतिम दौर में

मेट्रो प्रबंधन वर्तमान में प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा रूट, सुभाष नगर से एम्स तक) पर सुरक्षा क्लीयरेंस लेने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
ये काम हुए पूरे: रूट पर सिग्नलिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन गेट्स और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाने का काम पूरी तरह मुकम्मल हो चुका है।
एंट्री-एग्जिट का स्टेटस: इस पूरे रूट पर कुल 8 स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें से 6 स्टेशनों पर दो-दो एंट्री-एग्जिट गेट तैयार हैं, जबकि मुख्य जंक्शन होने के कारण सुभाष नगर और रानी कमलापति (आरकेएमपी) स्टेशन पर तीन-तीन एंट्री-एग्जिट गेट का निर्माण कार्य अपने आखिरी पड़ाव पर है।
इस नए एफओबी के निर्माण और आगामी सीएमआरएस क्लीयरेंस के बाद भोपाल में मेट्रो का सफर पूरी तरह सुरक्षित और सुलभ हो जाएगा।


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