
शहर में प्लॉट खरीदकर मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब 2000 स्क्वायर फीट तक के प्लॉट पर निर्माण की बिल्डिंग परमिशन के लिए नगर निगम दफ्तर के चक्कर नहीं काटने होंगे। एबीपास पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करके निर्माण शुरू कर सकेंगे। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
अब तक 1100 स्क्वायर फीट तक के मकानों पर ही डीम्ड परमिशन मिलती थी। शहर में सालाना 6000 भवनों के लिए नगर निगम बिल्डिंग परमिशन जारी करता है। इनमें से करीब 2000 फाइलों की परमिशन आर्किटेक्ट तो 3000 से अधिक की परमिशन निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा के इंजीनियर जारी करते हैं।
90% लोग अब बिल्डिंग परमिशन के लिए नहीं होंगे परेशान
आर्किटेक्ट्स के मुताबिक राजधानी में 90% लोगों को अब बिल्डिंग परमिशन के लिए आर्किटेक्ट्स या नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बढ़ती महंगाई के बीच अब लोग छोटे प्लॉट्स पर निर्माण करते हैं। शहर में बनने वाले 90% मकान अब 2000 स्क्वायर फीट तक के प्लॉट पर ही बनते हैं। बिल्डिंग परमिशन की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद भी परमिशन मिलने में लंबा समय लग जाता है। प्रक्रिया में आर्किटेक्ट की सहायता भी लेनी पड़ती है।
एबीपास पर सीधा आवेदन
ऐसे लोग अब सीधे नगरीय प्रशासन के एबीपास पोर्टल पर जाकर वहां उपलब्ध नक्शों में से मनपसंद नक्शा चुनेंगे और ऑनलाइन फीस जमा कर देंगे। ऐसा करते ही डीम्ड परमिशन मिल जाएगी यानि आवेदनकर्ता ऑनलाइन प्रक्रिया के आधार पर ही काम शुरू कर देगा।
...तो कैंसिल होगी परमिशन
ऑनलाइन प्रक्रिया में भी मौका मुआयना का प्रावधान होगा। हालांकि निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा के कर्मचारी डीम्ड परमिशन जारी होने के एक महीने के अंदर मौके पर जाकर मुआयना करेंगे। नक्शे के मुताबिक निर्माण नहीं पाया गया तो जांच रिपोर्ट के आधार पर परमिशन रद्द हो जाएगी।