नहीं मिली महंगे लोन से राहत, RBI ने लगातार दसवीं बार नहीं बदला रेपो रेट

Updated on 09-10-2024 12:40 PM
नई दिल्ली: आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। यह लगातार दसवां मौका है जब एमपीसी ने नीतिगत दरों को यथावत रखा है। एमपीसी की तीन दिन तक चली बैठक के बाद आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसमें लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेपो रेट को एक बार फिर 6.5% पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। दास ने कहा कि समिति के 6 में से पांच सदस्यों ने रेपो रेट को यथावत रखने के पक्ष में वोट दिया। रेपो रेट के यथावत रहने का मतलब है कि आपके लोन की किस्त में कोई बदलाव नहीं होगा। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है। इसके कम होने से आपके होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की किस्त कम होती है। आरबीआई ने रेपो रेट आखिरी बार बदलाव पिछले साल फरवरी में किया था। तब इसे 0.25% बढ़ाकर 6.5% किया गया था।
दास ने कहा कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद मौद्रिक नीति महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक वृद्धि को गति देने में सफल रही है। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रुख को बदलकर तटस्थ करने का फैसला किया है। बेहतर मॉनसून, पर्याप्त बफर स्टॉक की वजह से इस साल आगे खाद्य महंगाई में कमी आएगी। महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े अर्थव्यवस्था में मजबूत गतिविधियों के संकेत दे रहे हैं। इसकी बुनियाद मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लचीले मौद्रिक नीति ढांचे को आठ साल पूरे हो गए हैं।

जीडीपी की रफ्तार

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सकल घरेलू उत्पाद में निवेश का हिस्सा 2012-13 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है। घरेलू मांग में सुधार, कच्चे माल की कम लागत और सरकारी नीतियों से विनिर्माण क्षेत्र में तेजी आ रही है। सामान्य मॉनसून के मद्देनजर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रहने का अपना अनुमान है। प्रतिकूल आधार प्रभाव और खाद्य कीमतों में तेजी के कारण सितंबर में खुदरा महंगाई बढ़ने की आशंका है।

कब मिलेगी राहत


हालांकि माना जा रहा था कि आरबीआई की एमपीसी की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में प्रमुख ब्याज दर रेपो में कटौती की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना था कि खुदरा महंगाई अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। पश्चिम एशिया संकट के और बिगड़ने की संभावना है। इसका असर कच्चे तेल और जिंस कीमतों पर पड़ेगा। इससे महंगाई के फिर से सिर उठाने की आशंका बढ़ गई है। सरकार ने केंद्रीय बैंक को यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा है कि सीपीआई आधारित खुदरा महंगाई 4% (2% ऊपर या नीचे) पर बनी रहे।

इस महीने की शुरुआत में सरकार ने आरबीआई की एमपीसी का पुनर्गठन किया था। इसमें तीन नए बाहरी सदस्य नियुक्त किए गए थे। इस नियुक्ति के बाद एमपीसी की यह पहली बैठक थी। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने हाल में बेंचमार्क दरों में 0.5 फीसदी कटौती की थी। साथ ही कुछ अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों ने भी ब्याज दरों में कटौती की थी। लेकिन आरबीआई ने उनका अनुसरण नहीं किया और ब्याज दरों को यथावत बनाए रखा। विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर रेपो रेट में कुछ ढील की गुंजाइश है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 March 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में युद्ध की मार झेल रहे निर्यातकों की मदद के लिए सरकार ने गुरुवार को रिलीफ स्कीम शुरू की। 497 करोड़ रुपये की यह योजना मुख्य रूप…
 20 March 2026
नई दिल्ली: शुक्रवार को सोना और चांदी में भी जबरदस्त तेजी आई। दोनों धातुएं हरे निशान पर खुलीं और शुरुआती कारोबार में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी…
 20 March 2026
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे से हड़कंप मचा हुआ है। चक्रवर्ती ने नैतिकता संबंधी चिंताओं का…
 20 March 2026
नई दिल्ली: भारत की गैस सप्लाई की दिक्कतें आगे और बढ़ सकती हैं। ईरान ने कतर की एक अहम एनर्जी फैसिलिटी पर मिसाइल हमला किया है। यह हमला रास लफान इंडस्ट्रियल…
 20 March 2026
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़े एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने आईपीओ के लिए आवेदन कर दिया है। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूरोप के सबसे बड़े…
 20 March 2026
नई दिल्ली: ऑनलाइन इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले 10 में से 8 से ज्यादा लोगों ने 'डार्क पैटर्न्स' (धोखाधड़ी वाली चालों) का अनुभव किया है। लोकल सर्कल्स (Local Circles) के…
 20 March 2026
नई दिल्ली: क्रिटिकल मिनरल्स ... ऐसे दुर्लभ खनिज जिनकी दुनिया के हर बड़े देश को जरूरत है। लेकिन यह सिर्फ गिने-चुने देशों में ही मिलते हैं। ये मिनरल्स किसी खजाने से…
 19 March 2026
नई दिल्‍ली: गोल्डमैन सैक्स ने भारत की ग्रोथ के अनुमानों में कटौती कर दी है। अपने पूर्वानुमान में उसने आधा फीसदी की कमी की है। पश्चिम एशिया संघर्ष को उसने एक…
 19 March 2026
नई दिल्‍ली: जेरोम पॉवेल की अगुवाई वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने बुधवार को ब्याज दरों को 3.50%-3.75% के दायरे में जस का तस रखा। FOMC के बयान में कहा…
Advt.