आनलाइन होगी व्यवस्था
एचएमआइएस पोर्टल से रोगी घर से ही पंजीकरण कर सकेंगे। आभा आइडी के प्रयोग द्वारा रोगियों का समय बचाया जा सकेगा। रोगियों को कतार से बचाने के लिए कतार प्रबंधन और टोकन डिस्प्ले प्रणाली लागू की जाएगी। दवा और जांचों की व्यवस्था का भी पूर्ण एकीकरण होगा, जिससे काम में दोहराव कम होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों की सुविधा, उनका स्वास्थ्य प्रोफाइल, उपचार की ट्रैकिंग, संसाधनों का सही उपयोग करने और अच्छी निगरानी के लिए एचएमआइएस प्रभावी होगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मो. सुलेमान, प्रमुख सचिव विवेक कुमार पोरवाल उपस्थित थे।
उन्होंने उप मुख्यमंत्री को बताया कि मौजूदा दवा और उपकरण साफ्टवेयर, एमपी-औषधि, ईएमएमएस और अन्य स्वास्थ्य संबंधी पोर्टल के साथ एकीकरण कर दिया जाएगा, जिससे निगरानी आसान हो जाएगी। रिकार्ड आनलाइन होने से किसी भी अस्पताल में परामर्श लेने में सरलता होगी और रेफरल रोगी का तुरंत उपचार शुरू किया जा सकेगा।
यह भी लाभ होगा
-रोगी अपने स्वास्थ्य का रिकार्ड आनलाइन देख सकेंगे।
-अपना हेल्थ रिकार्ड आनलाइन देश के किसी भी अस्पताल में दिखा सकेंगे।
- टेलीमेडिसिन से उपचार लेने में भी आसानी हो जाएगी।
- यह पता करना भी आसान हो जाएगा कि किस डाक्टर ने कितने रोगी देखे।