
किसी को ओवर एज होने का डर सता रहा है तो कोई सिर्फ रिजल्ट की उम्मीदों पर कई सपने संजोए बैठा है, किसी के परिवार ही स्थिति ठीक नहीं है तो कोई अपने भविष्य के लिए चिंतित है, कुछ इस तरह के हालत है उन छात्राओं के जिन्होंने 2022-23 सत्र में प्रवेश के लिए पीईबी ( व्यापम ) के द्वारा प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट ( PNST ) की परीक्षा जुलाई 2023 में दी थी। जिसका रिजल्ट अभी तक नहीं आया है। जिसको लेकर हाल ही में नर्सिंग टेस्ट देने वाली छात्राओं ने भोपाल में प्रदर्शन भी किया था। तो चलिए जाने इन छात्राओं के हाल।
ओवर एज होने का डर
विदिशा की रहने वाली आरती बताती हैं कि मैंने प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट का एग्जाम दिया था , यह एग्जाम 2023 में दिया था। हमारी रिजल्ट जारी किया जाए, मुझे सबसे अधिक डर मेरी एज निकल जाने का है, मैं अब आगे यह एग्जाम नहीं दे सकती हूं। मैं खुद का खर्चा खुद से उठाती हूं। मैं परिवार पर आश्रित नहीं हूं। मैं बस यही चाहती हूं कि मेरा जल्द से जल्द रिजल्ट आए, जिसके चलते हम अपनी आगे की तैयारी कर सकें। आरती कहती हैं कि मेरी एज 28 हो गई है, इसकी एज लिमिट 28 ही है।
पिता करते हैं मजदूरी
सिवनी के कलारी गांव की रहने वाली रितु साहू कहती हें कि हमने 202 के शेड्यूल का एग्जाम जुलाई 2023 में दिया था। अभी तक हमारा रिजल्ट नहीं आया है। हमें कोई कुछ बताता भी नहीं हैं कि रिजल्ट कब आएगा । वहीं प्राइवेट में तो छात्राओं के एडमिशन हो रहे हैं मगर हम गर्वमेंट में एडमिशन के लिए परेशान हो रहे हैं। मेरे पिता मजदूरी का काम करते हैं, हम गांव के कच्चे घर में रहते हैं। हमारे घर में बहुत परेशानियां हैं। अब हमारा भविष्य इसी पर निर्भर है।
किराए के घर में रहते हैं हमारा भविष्य रिजल्ट पर निर्भर
सिवनी की रहने वाली निधि साहू कहती हैं कि हम बहुत परेशान हैं, 11 महीने हो गए हैं, रिजल्ट नहीं आया है। हम वहां किराए का घर में रहते हैं। हम 6 बहने हैं भाई नहीं हैं, सभी बहने अपना खर्चा खुद ही उठाते हैं। हमारा भविष्य अब इसी पर निर्भर है। इसके अलावा हमें ओवर एज होने का भी डर है। मां बहने सभी काम करते हैं, अभी हम कई बार यहां आ चुके हैं मगर हमारी बात कोई नहीं सुनता है।
पेट्रोल टैंक पर करती हूं काम
इंदौर से आई जयश्री कहती हैं कि मैं पेट्रोल टैंक पर काम करती हूं मेरी बेटी संख्या के रिजल्ट के लिए भोपाल के चक्कर का काट रही हूं। पहले कोरोना कामल में एक साल उसका चला गया। फिर हमने डीएचएस के लिए दिया, उसका रिजल्ट नहीं आया और अब यह रिजल्ट भी रुका हुआ है। ऐसे में बच्ची ओवर एज भी हो सकती है। हम बहुत परेशान हैं, बहुत मेहनत से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बहुत मुश्किल होता है आज के समय में बच्चों को पढ़ा पाना। बस हम यही कहेंगे कि सरकार हमारे रिजल्ट जल्द से जल्द जारी करे।
66 हजार छात्रों ने दी थी परीक्षा
इस मामले में एनएसयूआई नेता रवि परमार ने बताया कि 2022-23 सत्र में प्रवेश के लिए पीईबी ( व्यापम ) के द्वारा प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट ( PNST ) की परीक्षा जुलाई 2023 में आयोजित करवाई गई थी परीक्षा देने के बाद 1 से 2 महीने के अंतराल में रिजल्ट घोषित कर दिया जाता है मगर रिजल्ट अभी तक नहीं घोषित किया गया है । रवि परमार ने कहा कि 66 हज़ार स्टूडेंट्स ने पीईबी के माध्यम से परीक्षा दी थी करोड़ों रुपए परीक्षा शुल्क के रूप में पीईबी द्वारा लिए गए लेकिन 1 साल से रिजल्ट जारी नहीं किया वहीं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में धड़ल्ले से प्रवेश हो रहें इससे सरकार कि मंशा स्पष्ट हो चुकी हैं कि प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों को मुनाफा पहुंचाने के लिए ही शासकीय नर्सिंग कॉलेजों के लिए प्रवेश परीक्षा के परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए गए जिसकी वजह से 2022 से मध्यप्रदेश के शासकीय नर्सिंग कालेजों में एक भी छात्राओं के प्रवेश नहीं हुई ।