
कोलार सिक्सलेन रोड के सेंट्रल वर्ज और उसके आसपास करीब पांच हजार पेड़ लगाने की तैयारी है। इनमें सेंट्रल वर्ज में चंपा के पौधे लगाए जाएंगे। रोड पर 6 जगह ट्री कॉर्नर बनाए जाएंगे। एक-एक ट्री कॉर्नर में 400-500 पेड़ लगाए जाएंगे।
यही नहीं, कजलीखेड़ा और इनायतपुर की बरसाती नदियों और बैरागढ़ चीचली के नाले आसपास तीनों स्थानों पर 100-200 इमली, पीपल, बरगद, गूलर और करंज जैसे बड़े पेड़ लगाए जाएंगे। इसके लिए जमीन तैयार की जा रही है।
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प्लान-1: बरसाती नदी करेंगे संरक्षित कोलार से लगी कजलीखेड़ा और इनायतपुर की दो बरसाती नदियाें के पास और बैरागढ़ चीचल से गुजरने वाले नाले के आसपास बरगद, पीपल, नीम, इमली, गूलर और करंज जैसे बड़े पेड़ लगाए जाएंगे। ताकि, नदियों को संरक्षित किया जा सके। यहां एक स्थान पर 100-150 पेड़ लगाने की तैयारी है।
दूसरा प्रोजेक्ट : सेंट्रल वर्ज
छांव के साथ ही महकेगी: तीन मीटर यानी करीब 10 फीट चौड़े सेंट्रल वर्ज में चंपा के पेड़ लगेंगे। यह 5 से 15 फीट तक बढ़ता है। ऐसे में 15 किलोमीटर में 1800 से ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे।
तीसरा प्रोजेक्ट : ग्रीन कॉर्नर में
400 से 500 पौधे: छह स्थानों में 400-500 पेड़ लगाकर ग्रीन कॉर्नर बनाएंगे। ये जगह हैं- सेमरी जोड़, गोल जोड़, आईबीडी के पास, इनायतपुर पंप हाउस, गेंहूखेड़ा रोड और भोज यूनिवर्सिटी के पास।
सजावटी पौधे लगा सकते हैं
काेलार सिक्सलेन के सेंट्रल वर्ज की चौड़ाई 3 मीटर यानी 9.84 फीट। ऐसे में यहां सजावटी पौधे के अलावा बड़े और छायादार पेड़ भी लगाए जा सकते हैं।
-दीपक भंडारी, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी
पांच साल देखरेख भी करेंगे
कोलार रोड के सेंट्रल वर्ज में छायादार पेड़ लगाए जाएंगे। इसका जिम्मा पीडब्ल्यूडी ने नगर निगम को दिया है। जल्द ही हम साइट पर काम शुरू करेंगे। हम पांच साल इनकी देखरेख भी करेंगे।
-हरेंद्र नारायण, कमिश्नर, नगर निगम