गवर्नर-प्रेसिडेंट के लिए डेडलाइन बनाने पर राष्ट्रपति के 14 सवाल:पूछा- संविधान में ऐसी व्यवस्था नहीं, फिर सुप्रीम कोर्ट कैसे दे सकता है फैसला

Updated on 15-05-2025 01:42 PM

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रेसिडेंट और गवर्नर के लिए डेडलाइन तय करने पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने पूछा कि संविधान में इस तरह की कोई व्यवस्था ही नहीं है, तो सुप्रीम कोर्ट कैसे राष्ट्रपति-राज्यपाल के लिए बिलों पर मंजूरी की समयसीमा तय करने का फैसला दे सकता है।

मुर्मू ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से 14 सवाल पूछे हैं। मुर्मू ने राष्ट्रपति और राज्यपाल की शक्तियों, न्यायिक दखल और समय-सीमा तय करने जैसी बातों पर स्पष्टीकरण मांगा है।

ये मामला तमिलनाडु गवर्नर और राज्य सरकार के बीच हुए विवाद से उठा था। जहां गवर्नर से राज्य सरकार के बिल रोककर रखे थे। सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को आदेश दिया कि राज्यपाल के पास कोई वीटो पावर नहीं है। इसी फैसले में कहा था कि राज्यपाल की ओर से भेजे गए बिल पर राष्ट्रपति को 3 महीने के भीतर फैसला लेना होगा। यह ऑर्डर 11 अप्रैल को सामने आया था।

गवर्नर की ओर से राष्ट्रपति को भेजे गए बिल पर सुप्रीम कोर्ट के 4 पॉइंट्स

1. बिल पर फैसला लेना होगा: सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अनुच्छेद 201 कहता है कि जब विधानसभा किसी बिल को पास कर दे। उसे राज्यपाल के पास भेजा जाए और राज्यपाल उसे राष्ट्रपति के पास विचार के लिए भेज दे। इस स्थिति में राष्ट्रपति को बिल पर मंजूरी देनी होगी या फिर बताना होगा कि मंजूरी नहीं दे रहे हैं।

2. ज्यूडिशियल रिव्यू होगा: सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आर्टिकल 201 के तहत राष्ट्रपति का निर्णय की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है। अगर बिल में केंद्र सरकार के निर्णय को प्राथमिकता दी गई हो, तो कोर्ट मनमानी या दुर्भावना के आधार पर बिल की समीक्षा करेगा।

अदालत ने कहा कि बिल में राज्य की कैबिनेट को प्राथमिकता दी गई हो और राज्यपाल ने विधेयक को मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह के विपरीत जाकर फैसला किया हो तो कोर्ट के पास बिल की कानूनी रूप से जांच करने का अधिकार होगा।

3. राज्य सरकार को राज्यपाल को कारण बताने होंगे: सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब कोई समय-सीमा तय हो, तो वाजिब टाइम लाइन के भीतर फैसला करना चाहिए। राष्ट्रपति को बिल मिलने के 3 महीने के भीतर फैसला लेना अनिवार्य होगा। यदि देरी होती है, तो देरी के कारण बताने होंगे।

4. बिल बार-बार वापस नहीं भेज सकते: अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति किसी बिल को राज्य विधानसभा को संशोधन या पुनर्विचार के लिए वापस भेजते हैं। विधानसभा उसे फिर से पास करती है, तो राष्ट्रपति को उस बिल पर फाइनल डिसीजन लेना होगा और बार-बार बिल को लौटाने की प्रक्रिया रोकनी होगी।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 March 2026
नई दिल्ली/गांधीनगर, सुप्रीम कोर्ट ने वनतारा के खिलाफ दायर एक फाउंडेशन की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वनतारा में किसी भी तरह के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानून…
 20 March 2026
जयपुर: राजस्थान की झुलसाने वाली गर्मी ने अभी दस्तक दी ही है कि राज्य सरकार ने प्यास बुझाने के लिए अपनी 'फौज' को मैदान में उतार दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा…
 20 March 2026
जयपुर: राजस्थान सहित देशभर के शिया समुदाय ने इस साल ईद-उल-फितर के मौके पर किसी भी तरह का जश्न न मनाने का एक बड़ा और भावुक फैसला लिया है। ईद, जो…
 20 March 2026
नोएडा: दिल्ली से यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत देने के लिए नोएडा में नई एलिवेटेड रोड बनाने की योजना तैयार की जा रही है। यह…
 20 March 2026
लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से कड़ा रुख अपनाने के बाद पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का दावा है कि…
 20 March 2026
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के नींवा गांव से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों ने जहर खा लिया। इस घटना में मां और…
 20 March 2026
भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून, देश के कई हिस्सों में मौसम बदला है। राजस्थान में जयपुर सहित कई जिलों में शुक्रवार सुबह तेज बरसात हुई। 17 से ज्यादा शहरों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट है।…
 19 March 2026
ऊना, हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल डडवाल को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया…
 19 March 2026
बाराबंकी: सु्प्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित टोल प्‍लाजा पर वकीलों के तोड़फोड़ और हिंसा की घटना पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि वकालत एक सम्‍मानित पेशा…
Advt.