
एमपी के लोकसभा चुनाव में बुरी तरह परास्त होने के बाद कांग्रेस अब हार के कारणों की पड़ताल करेगी। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी दो दिन तक भोपाल में बैठकें कर एमपी में हार के कारणों की रिपोर्ट तैयार करेगी।
कमेटी के चेयरमैन महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चह्वाण, उड़ीसा के कोरापुट से सांसद सप्तागिरी उलका, और गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी 2 दिनों तक बैठकें करेंगे।
29 जून को प्रत्याशियों के साथ बैठक
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के तीनों सदस्य पृथ्वीराज चह्वाण, सप्तागिरी उलका और जिग्नेश मेवाणी 28 जून की शाम को भोपाल पहुंचेंगे। 29 जून को कांग्रेस के सभी प्रत्याशियों के साथ बैठक करेंगे। तीनों सदस्य एमपी की हर लोकसभा के हारे हुए उम्मीदवार से वन-टू-वन चर्चा करेंगे।
इस चर्चा के दौरान हर सीट पर हार के कारणों की फैक्ट शीट भी बनाई जाएगी। किन वजहों से कांग्रेस को किस विधानसभा सीट पर कितने वोटों की लीड मिली और किन विधानसभाओं में कितने अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव में विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, जिलाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारियों ने काम किया या निष्क्रिय रहे।
30 जून को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की मीटिंग
कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की 30 जून को मीटिंग होगी। इस बैठक में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के मेंबर मप्र कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह, अजय सिंह, सज्जन सिंह वर्मा सहित तमाम दिग्गजों से चर्चा करेंगे। दिग्गजों के साथ होने वाली बैठक में कांग्रेस के संगठन को दुरुस्त करने पर चर्चा होगी।
27 सीटों पर लड़े थे कांग्रेस के उम्मीदवार
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में मप्र की 29 में से 27 सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ी थी। खजुराहो सीट समझौते में समाजवादी पार्टी को दी गई थी। लेकिन, स्क्रूटनी में सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन खारिज हो गया। इंदौर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार अक्षय बम ने नामांकन वापस ले लिया था। ऐसे में इंदौर सीट पर भी कांग्रेस का उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाया।
कमेटी की रिपोर्ट के बाद होंगे एमपी में बदलाव
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चह्वाण की अध्यक्षता वाली फैक्ट फाइंडिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के जरिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खरगे तक भेजी जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मप्र कांग्रेस में कई बदलाव हो सकते हैं।