शिकायतों का हो त्वरित निवारण
राज्यपाल ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों द्वारा की गई शिकायतों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन अपने स्तर पर आवश्यकता अनुसार जरूरी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिका की जांच और परिणामों की पवित्रता दूषित नहीं होनी चाहिए। कुलगुरु शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन करें। प्रशासनिक सुलभता के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जाए। विद्यार्थियों के लिए ई-लाइबेरी की व्यवस्था को प्रभावी बनाए और छात्र-छात्राओं को उसके उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता और राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चंद गुप्ता सहित विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, कुलसचिव एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
शैक्षणिक गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को प्राप्त करने का प्रयास करें
राज्यपाल ने कहा कि सभी शासकीय विश्वविद्यालय शैक्षणिक गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को प्राप्त करने का निरंतर प्रयास करें। ऐसे विश्वविद्यालय जहां आगामी दिनों में नैक द्वारा परीक्षण किया जाना है, वे तैयारी पुख्ता रखें। विश्वविद्यालय निरंतर शैक्षणिक गुणवत्ता में उत्कृष्टता की ओर बढ़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जिन विश्वविद्यालय ने अभी तक नैक ग्रेडिंग के लिए नियमानुसार आवेदन नहीं किया है, वे निर्धारित प्रक्रिया और तैयारियों को समयसीमा में पूर्ण कर अग्रिम कार्रवाई करें।
भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी किताबें उपलब्ध कराएं
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी में "भारतीय ज्ञान परंपरा" विषय से जुड़ी किताबें उपलब्ध हों। सभी कुलगुरु समयसीमा में किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रतिष्ठित लेखकों और जरूरी अध्ययन सामग्री के लिए उच्च शिक्षा विभाग से समन्वय कर कार्रवाई करे।