प्रोजेक्ट लीडर हर्षवर्धन पटेल ने बताया कि कालेज गेट से कैंपस की दूरी बहुत है। ऐसे में छात्रों और प्राध्यापक को लंबा पैदल चलना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए आटोमोबाइल इंजीनियरिंग के 55 और इलेक्ट्रानिक्स के 17 छात्रों ने मिलकर फाइनल ईयर के मेजर प्रोजेक्ट में इस ई-व्हीकल को बनाने का सोचा। हर्ष ने बताया कि सितम्बर 2023 में इस प्रोजेक्ट की डिजाइन तैयार की। हमने हर एक डिवाइस बनाने के लिए चार से पांच लोगों की टीम बनाई थी। हमने इसके बाद ईवी इंडस्ट्री के ऊपर रिसर्च करके अपना काम शुरू किया।
कैंपस में आने-जाने में मिलेगी मदद
110 एएच बैटरी क्षमता वाले इस चार सीटर ई-व्हीकल को एक बार पूरा चार्ज करने पर यह 60 किलोमीटर की दूरी तय कर सकेगा। कालेज की प्रोफेसर डा. अलका बानी अग्रवाल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को बनाने में बच्चों ने पहले खुद हैंड्स आन ट्रेनिंग की, जिसके बाद उन्होंने इसे तैयार किया है। मेन गेट से कैंपस के विभिन्न विभागों और भवनों तक पहुंचने के लिए इस ई-व्हीकल का उपयोग किया जाएगा।