अमेरिका को भी साधेगा सऊदी अरब
हेशाम का कहना है कि सऊदी ने अमेरिका से दूर जाने का कोई संकेत नहीं दिया है। हालांकि वह इस बात तो शायद अमेरिका को नहीं समझा पा रहा है। ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन सऊदी की किसी अन्य देश से हथियारों की खरीद को कॉम्पिटिशन के तौर पर देखता है। वह ऐसे कदमों को इस बात का संकेत मान सकता है कि सऊदी अरब उससे दूर जा रहा है।डिफेंस एक्सपर्ट का कहना है कि सऊदी अरब दोनों जेट यानी अमेरिका से F-35 और तुर्की से कान खरीद सकता है। सऊदी अरब के तुर्की के कान के साथ डील करने के टैक्टिकल और बड़े स्ट्रेटेजिक कारण हैं, क्योंकि वह अमेरिकियों के साथ डील करना चाहता है। इसकी एक बड़ी वजह सऊदी अरब का यूएई से बढ़ता हुआ तनाव है।



