
युवतियों ने बताया कि प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) से उनका चयन हुआ था। चार वर्ष का पाठ्यक्रम लगभग एक वर्ष पहले पूरा हो गया है, पर अभी तक पदस्थापना नहीं मिली है। उनका सत्र 2018 से 2022 के बीच का है। उनसे डिग्री पूरी होने के बाद कम से कम पांच वर्ष की सेवा का बांड भरवाया गया था, इनमें एक वर्ष घर बैठे ही बीत गया है।
इस दौरान एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में उपस्थित रहे। एनएसयूआई के प्रदेश समन्वयक रवि परमार ने बताया कि मंगलवार को पूर्व के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले कालेजों से पढ़कर निकलीं इन युवतियों की संख्या 240 है। लगभग इतनी ही स्वास्थ्य विभाग के अधीन कालेजों से पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) और पीजी के 49 से अधिक पाठ्यक्रमों में इस बार कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के माध्यम से प्रवेश दिया जा रहा है, लेकिन इसमें विद्यार्थी बीयू का चयन करने में रूचि नहीं ले रहे हैं।बीयू के 22 विभाग में करीब 44 कोर्स संचालित हैं।इसमें से 12 विभागों के 20 से अधिक पाठ्यक्रमों में इस साल भी जीरो प्रवेश हुए है। कई ऐसे डिप्लोमा व सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जिनमें विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले रहे हैं। बस योगा पाठ्यक्रम की सीटें फुल हो रही है। विवि में पीजी में 930 सीटें हैं। इसमें अब तक 100 विद्यार्थियों ने भी प्रवेश नहीं लिया है। अब तक 10 विभाग के 16 पाठ्यक्रमों में 94 विद्यार्थियों को सीटें आवंटित की गई है। पिछले साल भी सीयूईटी के माध्यम से विवि 50 प्रतिशत सीटें भर पाईं थी।