
डीएड योग्यताधारी माध्यमिक शिक्षकों को प्रधानाध्यापक पद का प्रभार देने को लेकर विरोधाभाष सामने आ रहा है। जहां जनजातीय कार्य विभाग ने अपने अधिकार क्षेत्र के स्कूलो में पदस्थ इन शिक्षकों को प्रभार दे दिया, तो स्कूल शिक्षा विभाग ऐसा क्यों नहीं कर रहा है। शासकीय शिक्षक संगठन ने बीटीसी/डीएड योग्यताधारी माध्यमिक शिक्षकों को प्रधानाध्यापक बनाने की मांग की है।
संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि इस संबंध में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, आयुक्त लोक शिक्षण को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि उच्च पद के प्रभार की प्रक्रिया में माध्यमिक शिक्षक से उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद के लिए बीएड योग्यता अनिवार्य करने से बीटीआई या डीएड योग्यताधारी उच्च पद प्रभार से वंचित हो गए हैं। जबकि जनजातीय कार्य विभाग में माध्यमिक शिक्षकों को प्रधानाध्यापक माध्यमिक के पद पर प्रभार दिया जा रहा है।
संगठन ने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग की तरह स्कूल शिक्षा विभाग में भी माध्यमिक शिक्षकों को प्रधानाध्यापक माध्यमिक स्कूल के पद का प्रभार दिया जाता है, तो बीटीआई या डीएड योग्यताधारी माध्यमिक शिक्षकों को लाभ मिल सकेगा और जनजातीय एवं शिक्षा विभाग की उच्च पद प्रभार प्रक्रिया में भी समानता रहेगी।