
2006, 2013 और 2016 के बाद 2026 में एक बार फिर बसंत पंचमी शुक्रवार (23 जनवरी) को पड़ रही है। इससे धार की भोजशाला को लेकर पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अफसरों के मुताबिक, पहले तीनों मौकों पर आगजनी, पथराव और कर्फ्यू की स्थिति बनी थी। ऐसी नौबत न आए, इसके लिए दोनों पक्षों से संवाद किया जा रहा है।
एहतियातन रविवार को 2000 जवानों ने फ्लैग मार्च निकाला। ड्रोन और 1000 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
एआईजी कानून-व्यवस्था के आदेश पर अतिरिक्त बल 20 जनवरी को धार पहुंचेगा और 27 जनवरी तक तैनात रहेगा। फुल सिक्योरिटी प्लान के तहत जिले में 2435 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे। सीआरपीएफ के 8 हजार जवान भी सुरक्षा संभालेंगे।
शुक्रवार को बसंत पंचमी तो क्या व्यवस्था, आदेश में जिक्र ही नहीं
7 अप्रैल 2003 के ASI आदेश के तहत हिंदू समाज को भोजशाला में मंगलवार और बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की अनुमति है। मुस्लिम समाज को हर शुक्रवार नमाज की अनुमति दी गई। लेकिन बसंत पंचमी शुक्रवार पड़ने की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।