फैसला अच्छा है पर राजनीति तो होगी ही...

Updated on 02-08-2024 06:20 PM

एससी, एस़़टी आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला कि राज्य सरकारें कोटे के भीतर कोटा दे सकती है।एक अच्छा फैसला है, इस पर अमल होता है तो आजादी के बाद से जिन लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला है, उनको भी आरक्षण का लाभ आसानी से मिल सकेगा। 

आजादी के समय जब एससी,एसटी को आरक्षण दिया गया था तो उनको एक समूह मानकर दिया गया था, उम्मीद की गई थी, समूह में सभी लोगों को समान रूप से आरक्षण का लाभ मिलेगा। आजादी के कई दशकों बाद अब देश के लोगों को लग रहा है कि समूह में सभी लोगों को समान रूप से आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है. एससी,एसटी के ऊपर के लोगों को तो आरक्षण का लाभ कई पीढियों से मिल रहा है लेकिन नीचे के लोगों को आरक्षण का लाभ मिल ही नहीं रहा है।

आरक्षण का लाभ ऊपर से नीचे आ ही नहीं रहा है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि जिन लोगों के कारण नीचे के लोगों को आरक्षण नहीं मिल रहा है, उनको अब आरक्षण नहीं मिलना चाहिए और अब समूह की जगह जातियों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति के आधार पर जिन लोगों को अब तक आरक्षण नहीं मिला है,उनको आरक्षण देेने की व्यवस्था राज्य सरकारें करेंगी। सुनने,पढ़ने मे यह बहुत अच्छा लगता है लेकिन ऐसी व्यवस्था बनाने मे अभी लंबा वक्त लग सकता है।

हर राज्य में एससी,एसटी की संख्या अलग है, कहां किसको आरक्षण का लाभ मिल रहा है, किसको नही मिल रहा है, संख्या में कौन ज्यादा,कौन चुनाव में जीता सकता है, हरा सकता है,यह सब भी तो सरकार व राजनीतिक दलों को देखना होगा। एससी.एसटी को जो लोग अब एक वोट बैंक के रूप मे इस्तेमाल कर रहे थे, सब जातियों को अलग अलग आरक्षण मिलने से अब एससी,एसटी एक वोट बैंक नहीं रह जाएगा, वहां जातियों के नए नेता सामने आएंगे, जातियों में हर क्षेत्र मे प्रतिनिधित्व की मांग बढ़ेगी। राजनीतिक दलों के लिए इन्हें साधना और मुश्किल हो जाएगा।

इससे सबसे ज्यादा दिक्कतें उन जातिवादी दलो को होने वालीं हैं जो जाति की राजनीति करते हैं। पहले एससी,एसटी के कम नेताओं को टिकट दी जाती थी,अब जिस जाति का वोट चाहिए, उस जाति के नेता को टिकिट देना पड़ेगा।कई राज्यो में एससी,एसटी को आरक्षण भी तो कम ज्यादा है। वहां अलग समस्या होगी। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने आरक्षण को जो बिल लाया था उसमेें एससी,एसटी का आरक्षण बढ़ाया गया था। वह बिल राज्यपाल के पास हस्ताक्षर के लिए लंबित है. उस पर दो राज्यपालों ने कोई फैसला नही किया है,अब तीसरे राज्यपाल आ चुके हैं। 

कांग्रेस को फिर आरक्षण का बिल याद आएगा। वह जरूर दबाव बनाएगी कि सरकार आरक्षण बिल पर अपना रुख स्पष्ट करे। राज्य सरका पर दवाब रहेगा कि वह एससी,एसटी को संतुष्ट करे कि जिन लोगों को अब तक आरक्षण का लाभ नहीं मिला है,राज्य सरकार दिलाने के लिए काम करेगी। अब तो सवाल एससी, एसटी को कितना आरक्षण मिल रहा है इसका है ही नहीं, अब तो सवाल यह है कि जितना भी आरक्षण मिल रहा है,उसका लाभ सभी लोगों को मिल रहा है या नहीं। जो राजनीतिक दल एससी,एसटी की सभी जातियों को आरक्षण का लाभ दिला पाएगा, उसे एससी,एसटी की सभी जातियों का वोट मिलेगा। उसी राजनीतिक दल को सबसे ज्यादा लाभ होगा।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 March 2026
एक्ट्रेस सेलिना जेटली की अपने भाई विक्रांत जेटली से मिलने की आखिरी उम्मीद भी टूट गई। हाल ही में सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि विक्रांत ने अपनी…
 19 March 2026
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रेम चोपड़ा पिछले साल नवंबर महीने में अस्वस्थ थे। जिस कारण उनको अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। हालांकि इलाज के बाद वह घर लौट…
 19 March 2026
'बिग बॉस ओटीटी 3' की कंटेस्टेंट और डिजिल कंटेंट क्रिएटर पायल मलिक तीसरी बार प्रेग्नेंट हैं। वह चौथे बच्चे की मां बनने वाली हैं। उन्होंने अगस्त, 2025 में अपनी प्रेग्नेंसी…
 19 March 2026
सलमान खान की अगली फिल्म 'मातृभूमि' का नया गाना 'चांद देख लेना' रिलीज हो चुका है। 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' का ये गाना रोमांटिक होने के साथ-साथ ईद…
 19 March 2026
इन्हें 'भागम भाग' की 'अंजलि सिंह' कह लीजिए '36 चाइन टाउन' की आयशा, बॉलीवुड की इस एक्ट्रेस ने हिन्दी फिल्मों में भले बढ़-चढ़कर काम न किया हो लेकिन इंडस्ट्री में…
 19 March 2026
टीवी की मशहूर और बेहद खूबसूरत एक्‍ट्रेस दिव्‍यांका त्र‍िपाठी मां बनने वाली हैं। दो दिन पहले हमने यह खबर बताई थी कि 'ये है मोहब्बतें' फेम 41 साल की एक्ट्रेस…
 19 March 2026
आदित्य धर की स्‍पाई एक्‍शन सीक्‍वल फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' अब जब सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, तो लगे हाथ उस सवाल का जवाब भी मिल गया है,…
 19 March 2026
साल 2025 में आयोजित महाकुंभ से अगर आपने ममता कुलकर्णी को साध्वी वाले अवतार में और आध्यात्म की बातें करते हुए देखा और सुना है तो अब ब्रेक ले लीजिए।…
 19 March 2026
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 2025-26 के सालाना कॉन्ट्रैक्ट में एक बड़ा बदलाव करते हुए सबसे ऊंचे 'A+' ग्रेड को पूरी तरह खत्म कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक,…
Advt.