
ग्वालियर। 25 फीट की श्रीजी की प्रतिमा गिरने के हादसे ने शहरवासियों की आस्था को चोट पहुंचाई है तो वहीं नगर निगम में हड़कंप मच गया है। श्रीजी की प्रतिमा गिरने का सबसे बड़ा कारण सड़क के गड्ढे ही निकले हैं। नगर निगम के आयुक्त अमन वैष्णव सोमवार को खुद अफसरों के साथ वहां पहुंचे जहां श्रीजी की प्रतिमा गिरी थी, यहां अफसरों ने बताया कि पीएचई की पाइपलाइन के लिए खोदाई हुई थी, इसी कारण गड्ढा हो गया था।
इस पूरी घटना के बाद आयुक्त ने पैच रिपेयरिंग सेल के प्रभारी प्रदीप जादौन से सहायक सिटी प्लानर का चार्ज छीन लिया, अब जादौन सिर्फ पैच रिपेयरिंग का जिम्मा संभालेंगे। वहीं निगम ने श्रीजी प्रतिमा विसर्जन स्थल तक जाने वाले रास्तों में कहीं भी गड्ढे दिखें तो एक नहीं तीन-तीन मोबाइल नंबर जारी किए जिनपर गडढों के फोटो भेजने पर तत्काल कार्रवाई होगी। निगम ने अपनी सफाई में जुलाइ से अभी तक गड्ढे भरने की जानकारी भी साझा की।
खुरैरी तालाब बर्ड पार्क की बजाये अब श्रीजी की बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बहोड़ापुर स्थित सागरताल के सामने स्थित खाली स्थान पर अस्थायी जलाशय बनाया गया है। यह जलाशय प्रतिमा विसर्जन के दौरान भक्तों को सुविधाजनक रहेगा और विसर्जन प्रक्रिया को सुगम बनाएगा।
छोटी आकार की श्री गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कटोरा ताल के कोने पर एक छोटा कुंड तैयार किया गया है, ताकि विसर्जन प्रक्रिया सरल और प्रभावी हो सके। चलित जलाशय की व्यवस्था: नगर निगम ने जन सहयोग से मुख्य मार्गों पर वाहनों के माध्यम से चलित जलाशय भी चलाए जाने की व्यवस्था की है। इनके माध्यम से भक्तजन भगवान गणेशजी की छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकेंगे।
गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन ने शुरू से लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है। बड़ी प्रतिमाओं के विराजित स्थल तक पहुंचाने के लिए निर्धारित मार्ग के सड़क का संधारण गंभीरता से नहीं किया, केवल खानापूर्ति की है।
डा. जयवीर भारद्वाज हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष।
खल्लासीपुरा की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। बड़ी प्रतिमाओं को विराजित स्थल तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन व नगर निगम द्वारा कोई व्यवस्था नहीं करना निदंनीय है। आगे से समुचित व्यवस्थाएं की जानी चाहिए।