भोपाल। नगर निगम में प्रापर्टी टैक्स 10 प्रतिशत बढ़ाने को लेकर 18 जून को मंथन होगा । फिलहाल प्रापर्टी टैक्स बढ़ाया जा रहा है या नहीं । इसको लेकर नगर निगम के जिम्मेदार नेता और अफसर खुलकर नहीं बोल रहे हैं । उधर महापौर मालती राय ने सरकार की गाइडलाइन के पालन की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है । जबकि नगर निगम ने 2023-24 में पांच प्रतिशत, 2022-23 में 10 प्रतिशत और 2021-22 में परिक्षेत्र की राशि में बदलाव किए थे। उस दौरान चयनित क्षेत्रों में 50 प्रतिशत टैक्स बढ़ गया था। यह देखकर कहना गलत नहीं होगा कि नगर निगम प्रापर्टी टैक्स बढ़ाकर जनता को बोझ तले दबा रहा है, क्योंकि पिछले तीन सालों से लगातार टैक्स बढ़ाया जा रहा है। वहीं इस वित्तीय वर्ष में भी अंदुरुनी तौर पर प्रापर्टी टैक्स बढ़ाने की योजना चल रही है। निगम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 18 जून को बजट को लेकर एक बैठक महापौर के साथ अफसरों की होगी । इस बैठक में पता चलेगा कि प्रापर्टी टैक्स बढ़ाया जाता है या नहीं ।निगम में कितने हैं प्रापर्टी टैक्स खाते
शहर में 4 लाख 54 हजार संपत्तियां नगर निगम रिकार्ड में दर्ज हैं । इनमें से लगभग आधी संपत्तियों से निगम को टैक्स नहीं मिलता, लिहाजा संपत्तियों के मुकाबले प्रापर्टी टैक्स खातों का आंकड़ा 2 लाख 57 हजार पर सिमटा हुआ है । इसी तरह शहर में 3 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन हैं, इनमें लीगल 1 लाख 50 हजार के करीब हैं और इनमें से 60 फीसद से ही टैक्स मिलता है । नगर निगम नागरिकों से संपत्ति कर, सेवा शुल्क एवं अधिभार, समेकित कर एवं अन्य। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अधिभार। व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क एवं अधिभार। सीवेज चार्ज एवं अधिभार के रूप में टैक्स लेता है। इसके अलावा नामांतरण, लीज और कमर्शियल लाइसेंस के रूप में भी टैक्स लेता है।