
लोकसभा चुनाव के बाद अब सीएम डॉ. मोहन यादव जल्द ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में हैं। प्रारंभिक तैयारी हो गई है। डीजीपी सुधीर सक्सेना के दो साल मार्च 2024 में पूरे हो गए हैं, इसलिए वे तुरंत बदले जा सकते हैं।
मुख्य सचिव वीरा राणा के संबंध में दो विकल्पों पर बात हो रही है। 6 माह एक्सटेंशन (सितंबर 2024 तक) पूरा होने से पहले ही वीरा राणा को बदला जाएगा या फिर नए सीएस की ओएसडी के तौर पर पहले नियुक्ति हो जाएगी। दोनों स्थिति में सितंबर से पहले नया सीएस मिलेगा। सीएस के लिए प्रमुख दावेदारों में मो. सुलेमान, डॉ. राजेश राजौरा और एसएन मिश्रा हैं। केंद्र में पदस्थ अनुराग जैन का नाम भी प्रमुख है। जैन के लिए केंद्रीय कैबिनेट, रक्षा या गृह सचिव की संभावनाएं खुली हैं। उन्हें मप्र आने का फैसला लेना होगा। सीएम को भी पहल करनी होगी। केंद्रीय कैबिनेट, गृह सचिव अभी एक्सटेंशन पर हैं।
सीएमओ में 1 एसीएस या पीएस की नियुक्ति संभव है। इनमें राजेश राजौरा (अभी सीएस नहीं बनते हैं तो), अशोक वर्णवाल, मनु श्रीवास्तव, अनुपम राजन, शिवशेखर शुक्ला, ई रमेश कुमार, संजय शुक्ला, निकुंज श्रीवास्तव के नाम हैं।
लंबे समय से जमे लोग भी हटेंगे
मंत्रालय में एसीएस-पीएस और विभागाध्यक्ष पद पर दो साल या इससे भी अधिक समय से पदस्थ अफसरों की भी सूची बन गई है। इनमें से कुछ को बदला जा सकता है। कुछ मंत्रियों की पटरी अपने प्रमुख सचिवों से नहीं बन रही। ऐसे मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को अपनी राय बता दी है। एसीएस, पीएस और सचिव के बाद कुछ कलेक्टरों का भी नंबर आएगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर भी कई चेहरों की नजर
राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह का कार्यकाल जून में पूरा हो रहा है। यह पद एक दिन के लिए भी रिक्त नहीं हुआ है। इसमें नया प्रावधान जोड़ा गया है कि मौजूदा आयुक्त का कार्यकाल 6 माह या नई नियुक्ति होने तक बढ़ाया जा सकता है। इस हिसाब से वीरा राणा, कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष संजय बंदोपाध्याय, एसीएस जेएन कंसोटिया व सीएस नहीं बन पाने वाले कुछ लोगों का ध्यान इस पद पर हो सकता है।