
मध्य प्रदेश के वाहन चालक जो अपने वाहन से दूसरे राज्यों में जाते हैं और वहां चैकिंग के दौरान जब पीयूसी ऑनलाइन नहीं दिखाई देती तब उनको बहुत दिक्कतों का समाना करना पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग अब पीयूसी की रिपोर्ट ऑनलाइन करने जा रहा है।
इसके तरह सभी गाड़ियों की रिपोर्ट 'वाहन' पोर्टल पर सेंट्रलाइज रूप से दिखाई देंगी। जिससे कि वाहन चैकिंग के दौरान गाड़ी की पीयूसी की रिपोर्ट ऑनलाइन की ट्रैफिक पुलिस या अन्य चैकिंग स्टाफ को दिखाई दे सके। बता दें कि इस व्यवस्था को जुलाई माह में पूरी तरह से शुरू करने की योजना विभाग की है।
कर्मचारी-अधिकारियों की चल रही ट्रेनिंग
इसको लेकर परिवहन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की ट्रेनिंग इन दिनों चल रही है। इसमें आरटीओ, एआरटीओ, बाबू और खास तौर पीयूसी सेंटर्स वाले भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनकी ट्रेनिंग पिछले करीब 15 दिनों से वर्चुअल रूप से चल रही है।
वहीं पीयूसी सेंटर्स की ट्रेनिंग को कई अधिकारी मौके पर पहुंचकर दे रहे हैं। जिससे की पीयूसी करते ही सीधे वह कैसे वाहन पोर्टल पर पूरी जानकारी कैसे अपलोड कर सकते हैं।
फोटो के साथ वीडियो भी होगा अपलोड
विदिशा आरटीओ गिरजेश वर्मा ने इसके अलावा जब वाहन की पीयूसी हो रही होगी तब वाहन के फोटो के अलावा एक 3 सेकेंड का वीडियो भी लगेगा। जिससे की देश के हिस्से में अगर किसी वाहन की चैकिंग हो रही है तो यह पता चल सकेगा कि गाड़ी की पीयूसी कब हुई और इसका वीडियो भी चैक किया जा सकता है। वहीं इन सेंटर्स व मोबाइल वैन में हार्डवेयर में भी कई तरह के चैंजेज किए जाने हैं।
भोपाल में 45 से अधिक पीयूसी सेंटर
परिवहन अधिकारियों के अनुसार मध्य प्रदेश में करीब 350 से अधिक पीयूसी सेंटर्स हैं, इसमें मोबाइल वेन के अलावा कई अन्य जैसे पेट्रोल टैंकों पर भी सेंटर्स मौजूद हैं। वहीं भोपाल में यह करीब 45 से अधिक हैं। इन सभी में अधिकतर सेंटर्स संचालकों की ट्रेनिंग हो चुकी है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इससे के आने के बाद सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं लोग बैक डेट पर पीयूसी करवा लेते हैं मगर इसके ऑनलाइन होने से इस पर पूरी तरह से बंद हो जाएगी।
मोबाइल वैन के लिए होगी सीमा
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पीयूसी सेंटर के रूप में काम करने वाली मोबाइल वैन की सीमा नया सिस्टम लागू होने के बाद तय की जाएगी। इस दौरान यह मोबाइल वैन डेढ़ किलोमीटर के डायमीटर में भी काम कर सकेंगे। वहीं पेट्रोल पंप आदि पर मौजूद सेंटर्स ज्यों के त्यों रहेंगे।
अधिकतर राज्यों में यह व्यवस्था पहले से
एनआईसी (नेशनल इन्फाॅर्मेटिक्स सेंटर ) के अधिकारियों की माने तो यह व्यवस्था पहले से कई राज्यों में है, देश के अधिकतर राज्यों में यह व्यवस्था पहले से ही चल रही है। इसमें मुख्य रूप से कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि शामिल हैं।
मध्य प्रदेश अंतिम राज्यों की श्रेणी में है जहां लास्ट में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि महीने भर में यह पूरी तरह से शुरू हो जाएगी।
जल्द शुरू करेंगे नए सिस्टम पर काम
पीयूसी मोबाइल वैन संचालक जमीर ने बताया कि अभी हाल ही में परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी आए थे, हमारी मोबाइल वैन के कई लोगों की ट्रेनिंग भी कम्प्लीट हो चुकी है। हमारे कुछ लोग जाकर अपने सिस्टम भी वेरिफाई करवा रहे हैं।
हमें अपने सिस्टम यानी हार्डवेयर में भी कुछ बदलाव करने की जरूरत है। वह भी हम जल्द कर लेंगे। हमें ट्रेनिंग के दौरान बताया गया कि अब आगे में कैसे काम करना है, फोटो या वीडियो कैसे अपलोड करना है। जल्द ही हम अपने सिस्टम को चेंज करेंगे।
एक नजर
कमिश्नर ने कहा-प्रोजेक्ट आगे बढ़ाया जाएगा
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर डीपी गुप्ता ने कहा- लोगों की सुविधा के लिए इस प्रोजेक्ट हो आगे बढ़ाया जा रहा है, इसमें सभी का प्रशिक्षण के कार्यक्रम चल रहा है, इसको सभी डिस्ट्रिक्ट में एक्सटेंड किया जा रहा है ताकि वाहन चालकों को सुविधा मिले।