ट्रम्प की वापसी से पाकिस्तान-बांग्लादेश पर दबाव बढे़गा:भारत-US मिलिट्री संबंध मजबूत होंगे

Updated on 21-01-2025 01:07 PM

डोनाल्ड ट्रम्प ने कल 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर उनके शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्रम्प को उनको नए कार्यकाल के लिए बधाई दी।

ट्रम्प के पहले कार्यकाल में उनके और पीएम मोदी के बीच काफी अच्छे संबंध रहे थे। ट्रम्प ने 2019 में राष्ट्रपति रहते पीएम मोदी के सम्मान में टेक्सास स्टेट के ह्यूस्टन में हाउडी मोदी प्रोग्राम का आयोजन किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने भी 'अबकी बार ट्रम्प सरकार' का नारा दिया था। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रम्प अपने दूसरे कार्यकाल में भारत के साथ किस तरह के रिश्ते रखते हैं।

व्हाइट हाउस में ट्रम्प की वापसी से भारत पर क्या असर हो सकता है?

1. पाकिस्तान, कश्मीर और बांग्लादेश पर ट्रम्प का रुख

ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान कहा था कि वो पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं। लेकिन पहले पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए जवाबदेही तय करनी होगी। चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रम्प ने कहा था कि हम ताकत के दम पर दुनिया में शांति लेकर आएंगे। ट्रम्प का यह बयान कट्टरपंथ और आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के लिए सकारात्मक संदेश है।

2019 में जब कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया गया था, तब ट्रम्प ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने जम्मू कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताया था।

वहीं ट्रम्प ने बांग्लादेश में जारी हिंसा को लेकर कहा था कि बांग्लादेश में भीड़ हिंदुओं पर हमला कर रही है, लूटपाट कर रही है। मेरे कार्यकाल में ऐसा कभी भी नहीं होता। कमला और बाइडेन ने अमेरिका समेत पूरी दुनिया में हिंदुओं की अनदेखी की है।

2. भारत-US सैन्य संबंध मजबूत होंगे

इनिशिएटिव ऑन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (ICET) और अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन जैसे रक्षा सौदों ने भारत और US सैन्य संबंधों को मजबूत किया है। ये सौदे बाइडेन के कार्यकाल में हुए थे। ट्रम्प की वापसी के बाद भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंध और बेहतर हो सकते हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन को कंट्रोल करने के लिए क्वाड गठबंधन को मजबूत किया था।

एफ-35 लड़ाकू विमान मिलने की उम्मीद

ट्रम्प ने पहले कार्यकाल में भारत के साथ 30,000 करोड़ रुपए के मिलिट्री इक्विपमेंट सौदे की घोषणा की थी। जबकि बाइडेन के कार्यकाल में पनडुब्बी और ड्रोन समझौते को अंतिम रूप दिया गया था। भारत के साथ के साथ F-35 फाइटर जेट को लेकर डील हो सकती है।

3. ट्रम्प भारतीय एक्सपोर्ट पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं

ट्रम्प के व्हाइट हाउस में वापसी से भारत के एक्सपोर्ट पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ट्रम्प अमेरिकी प्रोडक्ट पर हाई टैरिफ लगाने को लेकर भारत की कई बार आलोचना कर चुके हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रम्प ने कहा था कि भारत इंपोर्ट ड्यूटी के मामले में बहुत सख्त है। अगर मेरी सरकार आती है, तो हम भारत पर टैरिफ शुल्क कम करने का दबाव डालेंगे।

JNU के प्रोफेसर राजन कुमार के मुताबिक अगर भारत इंपोर्ट ड्यूटी कम नहीं करता है तो ट्रम्प इंडियन प्रोडेक्ट पर टैरिफ बढ़ाकर जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। इसका सीधा असर भारत के निर्यात पर पड़ेगा।

2024 में दोनों देशों के बीच कुल 118.2 अरब डॉलर का व्यापार हुआ, जिसमें भारत ने अमेरिका को 77.5 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट किया था।

पिछले साल दिसंबर में ट्रम्प ने धमकी दी थी कि अगर ब्रिक्स देश ट्रेड के लिए कोई नई करेंसी बनाते हैं तो उन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा।

4. H1B वीजा की प्रोसेस मुश्किल हो सकती है

ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में H1-B वीजा के नियमों में बदलाव किया था। उन्होंने दूसरे देशों से आने वाले वर्कर्स पर कई शर्तें भी लगाई थीं। इसके चलते ट्रम्प के पहले कार्यकाल में H1-B वीजा आवेदनों के रिजेक्ट होने की दर बढ़ गई थी।

2023 में कुल 3.86 लाख अप्रवासियों को H1-B वीजा दिया गया, जिनमें से 2.79 लाख भारतीय थे। ट्रम्प ने पहले H1-B वीजा को अमेरिकी वर्कफोर्स के लिए खराब बताया था। हालांकि बाद में उन्होंने इसका सपोर्ट करते हुए इसे एक बेहतरीन प्रोग्राम बताया था।

ट्रम्प के सरकार में आने से अमेरिका में हर साल में 50 हजार नई नौकरियां आने का अनुमान है। इनमें से सबसे ज्यादा 20 हजार नौकरियां IT सेक्टर में होंगी। ट्रम्प ने अमेरिका में ग्रेजुएशन के बाद भारतीय छात्रों को ग्रीन कार्ड देने का वादा किया है। इसका 5 लाख छात्रों को फायदा मिल सकता है।

5. अवैध आप्रवासियों का डिपोर्ट कर सकते हैं

डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान अवैध अप्रवासियों को सामूहिक तौर पर डिपोर्ट करने का वादा किया है। ट्रम्प के कल के भाषण में अवैध अप्रवासियों को देश से बाहर करने की बात कही है। ट्रम्प ने अवैध रूप से अमेरिका में एंट्री करने वालों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

अक्टूबर 2022 से सितंबर 2023 तक अमेरिकी एजेंसियों ने अवैध रूप से घुसने वाले करीब 97 हजार भारतीयों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 30,010 भारतीय US-कनाडा बॉर्डर पर पकड़े गए थे। जबकि 41,770 भारतीय US-मेक्सिको बॉर्डर पार करते समय गिरफ्तार हुए।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 March 2026
रियाद/तेहरान: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लेबनान ने आज जानकारी देते हुए 1000 लोगों…
 20 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान के साथ जंग में लगी अमेरिकी सेना फंडिंग की कमी से जूझ रही है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरान युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस से 200 अरब डॉलर…
 20 March 2026
तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान के साथ जंग अमेरिका के लिए बेहद भारी पड़ रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से पहले 20 दिनों में अमेरिका का कम से कम 16 सैन्य विमानों…
 20 March 2026
तेल अवीव: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के हवाई हमलों ने ईरान की सैन्य क्षमता को बहुत कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा…
 20 March 2026
तेल अवीव/वॉशिंगटन: अमेरिका और इजरायल की दोस्ती को बेहद ही गहरी माना जाता रहा है। लेकिन ईरान युद्ध के पहले 20 दिनों ने दो पुराने दोस्तों के बीच मतभेदों को उजागर…
 20 March 2026
ओटावा: कनाडा के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा है कि उन्हें जांच में देश में विदेशी संस्था के दमन में शामिल होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। यह कनाडा के…
 19 March 2026
तेहरान: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग के बीच आज किसी चीज की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह है होर्मुज जलडमरूमध्य है। इसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait Of Hormuz)…
 19 March 2026
तेहरान/दोहा: इजरायल ने बुधवार को ईरान स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमला हमला किया है। साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से बौखलाए ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के…
 19 March 2026
वॉशिंगटन: भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु संघर्ष का खतरा वास्तविक है और दोनों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के चलते यह बना हुआ है। अमेरिकी सीनेट में बुधवार को पेश ‘यूएस…
Advt.