खेती के साथ महिलाओं के लिए 'पोरगई' (लंबाडी बोली में जिसका अर्थ है 'गर्व') नाम की हस्तशिल्प इकाई बनाई गई। आज 60 से अधिक महिलाएं कढ़ाई और सिलाई के जरिए 1 करोड़ रुपये से अधिक का बिजनेस कर रही हैं। डॉक्टरों का यह 'सिट्टीलिंगी मॉडल' साबित करता है कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल की दीवारों के भीतर नहीं, बल्कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बेहतर जीवन स्तर में बसती है। अब यह टीम कलरायण पहाड़ियों में एक बड़ा अस्पताल बनाकर इस मॉडल को और विस्तार देने की तैयारी में है।



