
महिला का आरोप था कि पांच दिसंबर 2018 से एक जुलाई 2022 तक डोडियार ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार संबंध बनाए और शादी से इन्कार कर दिया। मामले की सुनवाई पहले रतलाम जिला न्यायालय में चल रही थी, लेकिन डोडियार के विधायक बनने के बाद मामले को सुनवाई के लिए इंदौर विशेष न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।
करीब दो साल चली सुनवाई के दौरान युवती पूर्व में दिए बयान से पलट गई। उसने कहा कि उसने गुस्से में आकर कमलेश्वर डोडियार के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी थी। पुलिस ने उससे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे। उसे नहीं पता कि उन कागजों पर बाद में पुलिस ने क्या लिख लिया था। इन बयानों के आधार पर विशेष न्यायालय ने कमलेश्वर डोडियार को आरोप से दोषमुक्त कर दिया।