
देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, खरगोन, हरदा एवं शहडोल सहित प्रदेशभर में की गई कार्रवाई में अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण तथा ओवरलोडिंग के कुल लगभग 200 प्रकरण दर्ज कर डंपर, पोकलेन मशीन, पनडुब्बी इत्यादि जब्त की गई है और 1.25 करोड रुपये का राजस्व अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने विभागों की समीक्षा के दौरान, नदियों में निर्धारित मानदंड से हटकर उत्खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में प्रमुख सचिव खनिज निकुंज श्रीवास्तव द्वारा सभी कलेक्टरों और खनिज अधिकारियों को अवैध उत्खनन करने वालों के विरुद्ध 15 जून तक अभियान चला कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत इन-स्ट्रीम माइनिंग पर प्रभावी रोक लगाई जाएगी। जितनी मात्रा की इटीपी जारी की गई है, उससे अधिक परिवहन ना हो। स्वीकृत क्षेत्र से बाहर उत्खनन ना हो।
वहीं, सागर के खुरई में हुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। मुझे घटना की जानकारी मिली है। बुधवार को खुरई जा रहा हूं और उम्मीद करता हूं कि भगवान सब ठीक करेगा। कांग्रेस का काम विपक्ष का है और बोलते रहना है। उन्होंने कहा कि गांव के लोग आपस में मिलकर रहें। झगड़ा न हो। मैंने प्रशासन से भी कहा है कि वे मुस्तैदी से पेश आए। कांग्रेस का काम विपक्ष का है। उनको बोलते रहना है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जहां झगड़ा हुआ वहां और जिनके घर घटना हुई वहां भी बैठकर आए हैं। बाहर से आकर कोई भी आदमी क्या करेगा।परस्पर घटना हुई है। उसकी गंभीरता का हमको अहसास है।