
सर्वे की धीमी गति को लेकर कलेक्टर काैशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को हुई बैठक में राजस्व अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी है कि वह अवैध काॅलोनियों के सर्वे में तेजी लाएं और सख्त से सख्त कार्रवाई करें।इसके बाद मंगलवार को अवैध काॅलोनी पर बुलडोजर चलाया गया तो वहीं हुजूर और कोलार में राजस्व अमला सक्रिय हो गया है।
सख्ती दिखाई तब सामने आई जानकारी
कलेक्टर ने बैठक में नामांतरण, बंटवारे और तेजी से विकसित हो रही काॅलोनियों पर संज्ञान लेते हुए नाराजगी व्यक्त की थी। इस बैठक के दौरान 250 काॅलोनियों की जानकारी सामने आई थी। कलेक्टर ने इन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, साथ ही अन्य काॅलोनियों की पहचान करने के लिए कहा था। इसके बाद हुजूर एसडीएम आशुतोष शर्मा ने अपने अधीनस्थ न्यायालयों से अवैध कालोनियों की जानकारी बुलाई है।
उनका कहना है कि जानकारी आने के बाद कलेक्टर को कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा। इधर, एसडीएम एमपी नगर ने अपने अमले को मैदान में भेजकर अवैध काॅलोनियों की जानकारी एकत्रित कराई। उनका कहना है पूरी जांच कराने के बाद यह जानकारी कलेक्टर को सौंप दी जाएगी। कोलार एसडीएम रविशंकर राय ने भी अपने अमले से अवैध काॅलोनियों की जानकारी एकत्रित कराई है।
पुरानी फाइलें खंगाल रहे अधिकारी
कलेक्टर द्वारा फटकार लगने के लिए हुजूर, कोलार, बैरसिया, गाेविंदपुरा सहित सातों सर्कल के एसडीएम, तहसीलदारों ने अपने-अपने क्षेत्र में इस तरह की काॅलोनियों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। पुराने प्रकरणों की फाइलें भी तलाशी जा रही हैं। काॅलोनियों में विकास अनुमति, डायवर्जन, टीएंडसीपी की अनुमति सहित नगर निगम की अनुमति की जांच की जा रही है।इस तरह से जिला प्रशासन द्वारा अवैध काॅलोनियों की जानकारी एकत्रित कर शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद इन कालोनियों की रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगाई जाएगी।
अवैध काॅलोनियों को लेकर यह है प्रशासन की योजना
जिले में अवैध काॅलोनियों को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही विकास की योजना भी तैयार की गई है। इसका लोगों पर भी अलग-अलग असर पड़ेगा। जहां पूरी कालोनी में प्लॉट कट चुके हैं, वहां काॅलोनाइजर पर कार्रवाई होगी, पर खाली प्लाट नहीं होने से प्रशासन वहां कोई प्लान ही नहीं बना पाएगा। ऐसे में लोगों को अपने प्लाट वैध कराने के लिए स्वयं आवेदन करना होगा।इसके अलावा जिन काॅलोनी में खाली प्लाट हैं प्रशासन उन्हें अधिग्रहित कर लेगा। इन प्लाटों की नीलामी होगी और उससे मिलने वाली राशि और लोगों से फीस लेकर पानी, बिजली, सड़क, सीवेज आदि सुविधाओं सहित विकास कार्य कराए जाएंगे।
255 पर हो चुकी एफआईआर
वर्ष 2016 या उससे पहले बनी काॅलोनियों को वैध माना गया है। जिले में कुल 576 अवैध काॅलोनी चिह्नित की गई हैं। इनमें से 321 को वैध श्रेणी में रखा गया है जबकि 255 को अवैध करार देते हुए दिसंबर 2023 तक उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जा चुकी है। इन काॅलोनियों को नियमित करने के लिए प्रत्येक मकान मालिक को आवेदन करना होगा।
इनका कहना है
जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों से अवैध काॅलोनियों का सर्वे कर चिह्नित करने के लिए कहा गया है।इसके आधार पर अवैध कालोनियों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।सभी एसडीएम को अवैध काॅलोनाइजरों पर प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर