
भोपाल में धर्म परिवर्तन का प्रचार कर रही तीन महिलाओं का वीडियो सामने आया है। महिलाओं ने एक कारोबारी को ईसा मसीह के बताए मार्ग पर चलने की पेशकश की। ईसाई धर्म अपनाने के एवज में 20 लाख रुपए देने की बात कही। इतना ही नहीं उसे बच्चे की पढ़ाई मिशनरी स्कूल में फ्री में कराने का लालच भी दिया।
मामला रविवार शाम को पिपलानी थाना क्षेत्र का है। कारोबारी ने अपने साथियों की मदद से महिलाओं को आनंद नगर पुलिस के हवाले कर दिया। महिलाओं के साथ दो युवक भी थे, जो वहां से भाग गए।
पुलिस ने तीन महिलाओं समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
तीनों आरोपी महिलाएं नन हैं। उनमें से दो महिलाएं भोपाल व एक नर्मदापुरम की रहने वाली हैं। सोमवार को तीनों महिलाओं को जमानत पर छोड़ भी दिया।
कारोबारी ने पूछा तो कहा-अपने धर्म की अच्छाई बता रही हूं
कोकता निवासी धनवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मैं भाजपा कार्यकर्ता हूं और शिव नगर में पार्ट्स शॉप का संचालन करता हूं। रविवार शाम को दुकान के बाहर खड़ा था, तभी 3 महिलाएं और 2 पुरुष हाथ में पंपलेट लिए बस्ती के लोगों को कुछ समझाती दिखीं। महिलाएं नन वाली ड्रेस पहने थीं।
मैंने पास जाकर उनसे बातचीत शुरू की। पूछा- यहां क्या रही हैं, तब महिलाओं ने बताया कि वे ईसाई हैं, और अपने धर्म की अच्छाइयां लोगों को बता रही हैं। इस पर मैंने पूछा कि आपके धर्म को अपनाने से क्या फायदा होता है।
तब एक महिला ने जवाब दिया 20 लाख रुपए दिए जाएंगे। एक महिला ने बताया कि मैं स्वयं दो महीने पहले कन्वर्ट हुई हूं। मुझे रहने को अच्छा मकान और नकद रुपए भी दिए गए हैं। बच्चों की अच्छे स्कूल में शिक्षा कराई जा रही है।
इसके बाद कारोबारी को बताया कि उनका धर्म अपनाने पर बच्चों की शिक्षा अच्छे मिशनरी स्कूल में फ्री में कराई जाएगी। इसके बाद मैं अन्य कारोबारी साथियों के साथ उनकी बातें सुनता रहा। इसी बीच पास में स्थित आनंद नगर चौकी से पुलिस को बुलाया और तीनों महिलाओं को पुलिस के हवाले कर दिया। जबकि दोनों युवक पुलिस को आता देख फरार हो गए।
आरोपियों के पास धार्मिक किताबें, लिटरेचर जब्त
एसआई संतोष रघुवंशी ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की थी। मौके पर तस्दीक कराने पर फरियादी के आरोपों की पुष्टि हुई। महिलाओं के पास से प्रचार-प्रसार संबंधी पर्चे मिले हैं।
गिरफ्तार महिलाओं के नाम मेरी वस्तवाल, मेरी मसीहा व सुमन मसीहा हैं। दो अन्य आरोपी चंद्रभान और बदाप्रसाद वहां से भागने में कामयाब हो गए। महिलाओं के कब्जे से पर्चे, धार्मिक किताबें व डायरी आदि लिटेरेचर जब्त किया है।