इन जिलों में झमाझम के आसार
सोमवार को प्रदेश के 11 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को नर्मदापुरम, देवास, मंदसौर जिलों में अधिकांश स्थानों में अति भारी बारिश हो सकती है। वहीं बैतूल, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सागर, पांढुर्णा जिलों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है।
इसके साथ ही विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, अलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, दमोह, भोपाल, झाबुआ, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर जिलों में भी रुक-रुक बौछारें पड़ सकती हैं।।
ये वेदर सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तरी छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। मानसून की द्रोणिका समुद्र तल से अब बीकानेर, कोटा, गुना, सागर, पेंड्रा रोड, बालासोर से होकर दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य भाग तक जाती है।
समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैली हुई है। इसके साथ ही विपरीत हवाओं के सम्मिलन का क्षेत्र (शियर जोन) समुद्र तल से 3.1 और 7.6 किलोमीटर ऊपर महाराष्ट्र में दक्षिण की ओर झुका हुआ है। वहीं दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक समुद्र तल से अपतटीय द्रोणिका भी बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी के अलावा अरब सागर से भी लगातार नमी आ रही है। इस वजह से प्रदेश के अधिकतर जिलों में अच्छी वर्षा हो रही है। 31 जुलाई से प्रदेश में फिर एक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा। इससे पूरा प्रदेश में झमाझम का नया दौर शुरू हो सकता है।