भोपाल। मैहर की 70 एकड़ वन भूमि में अतिक्रमण हो गया। वन भूमि पर कालोनी, कालेज, आवासीय कालोनी, अस्पताल, बाजार आदि का निर्माण कर लिया गया, लेकिन वन विभाग को 22 साल बाद कार्रवाई की याद आई। इतने लंबे समय तक डीएफओ से लेकर तमाम बड़े अधिकारी यहां पदस्थ रहे। अब जाकर मामले में प्रभारी उप वनमंडलाधिकारी यशपाल मेहरा, वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीशचंद्र मिश्रा को निलंबित कर कार्रवाई पूरी कर दी गई
24 फरवरी 2024 को वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है
वन मंडल सतना के वन परिक्षेत्र मैहर के अंतर्गत मैहर सीमेंट औद्योगिक संस्था के लिए 193.1867 हेक्टेयर वन भूमि वर्ष 1975 में 99 वर्ष की अवधि के लिए मध्य प्रदेश शासन द्वारा औद्योगिक संस्था को स्वीकृत की गई। संस्था द्वारा स्वीकृत भूखंड सीमा से बाहर वनभूमि के वन कक्ष पी-555 में रकबा 27.9 हेक्टेयर अर्थात लगभग 70 एकड़ में कालोनी, कालेज, आवासीय कालोनी, अस्पताल, बाजार आदि का निर्माण कर वन भूमि में अतिक्रमण कर लिया गया। प्रकरण में 24 फरवरी 2024 को वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। वन विभाग ने जांच में पाया कि अतिक्रमण कर अवैध निर्माण वर्ष 2002 से किया गया। इस अतिक्रमण के संबंध में जिले में पदस्थ अधिकारियों द्वारा तत्समय कोई कार्रवाई नहीं की गई।अतिक्रमण एवं वन अपराधों की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्रवाई नहीं की
शासन ने माना कि अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण एवं वन अपराधों की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्रवाई नहीं कर शासन निर्देशों की अवहेलना कर अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया गया। इस मामले में प्रभारी उप वनमंडलाधिकारी यशपाल मेहरा, वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश चंद्र मिश्रा को निलंबित किया गया है।