
मस्तिष्क की एमआरआई से पता चला कि मस्तिष्क में एक बड़ा ट्यूमर था और यह सिर को नष्ट कर बाहर आ गया था। कुछ महीनों में यह फिर से एक विकराल आकार में बढ़ गया। डाॅक्टर ने आठ घंटे तक ऑपरेशन के बाद बालिका की जान बचाई। सर्जरी डाॅ. जितेंद्र और डाॅ. अभिषेक की सहायता से डाॅ. सुमित राज ने की।
डाॅक्टरों ने बताया कि ट्यूमर अत्यधिक संवहनी था। खोपड़ी भी प्रभावित हो रही थी, जिसे हटा दिया गया। इस ऑपरेशन को सफल बनाने में एनेस्थीसिया टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें डाॅ. आशुतोष और मिलिंद शामिल रहे। ऑपरेशन के अगले दिन मरीज होश में आ गया था। अब उसकी ठीक है।
छात्र-छात्राओं ने किया एम्स का भ्रमण
एम्स भोपाल में कक्षा 10 वीं और 11 वीं के छात्रों के लिए शैक्षिक भ्रमण किया गया। छात्रों ने एनाटाॅमी संग्रहालय देखा। इसके बाद मानव अंगों का अवलोकन किया। उन्होंने ट्रांसलेशनल मेडिसिन की विभिन्न प्रयोगशालाओं का दौरा किया। ऐसे उपकरण दिखाए गए, जिनका उपयोग डाॅक्टर विभिन्न रोगों के निदान के लिए उपयोग करते हैं। रक्त से डीएनए निकालने की प्रक्रिया, होमोजेनाइज़र, जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस उपकरण, यूवी ट्रांसिल्यूमिनेटर और पीसीआर मशीन सहित कई मशीनों का संचालन दिखाया गया।