बता दें कि कलेक्टर ने पांच महीने पहले भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए दल गठित करने के निर्देश दिए थे। इस पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के संयुक्त संचालक ने सोमवार को तहसीलवार दल गठित कर दिए हैं। इन दलों में एमपीनगर, गोविंदपुरा, कोलार, शहर, बैरागढ़, हुजूर, टीटीनगर तहसील के तहसीलदार को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि एसडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
यह काम भी करेंगे दल
भिक्षावृत्ति रोकने के लिए गठित दल भीख मांगने में लिप्त व्यक्तियों के लिए आश्रय, भोजन, कपड़े, विस्तर, चिकित्सा सुविधाएं, परामर्श और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे। इसकी शुरूआत दलों ने कर दी है। इसके अलावा चौराहों, सड़कों, धार्मिक स्थानों, ऐतिहासिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और अन्य सार्वजनिक भिक्षावृत्ति स्थानों के हाटस्पाट को चिह्नित कर सर्वे किया जाएगा।
भिक्षावृत्ति में 50 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे
राजधानी में पांच हजार से अधिक भिखारी हैं, जिनमें आधे से ज्यादा पांच से 16 साल के बच्चे हैं। कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग के अलावा शिक्षा और अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग को जमीन पर उतरकर काम करने के निर्देश दिए हैं।